गैस के बाद अब उत्तराखंड में पानी संकट, एक अप्रैल से Commercial Connections पर रोक

देहरादून। गर्मी के बढ़ते प्रकोप के साथ पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए जल संस्थान ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। एक अप्रैल से अगले तीन माह तक नए व्यवसायिक (कमर्शियल) पानी कनेक्शनों पर रोक लगाई जा रही है। ताकि, घरेलू उपभोक्ताओं को आवश्यकता का पूरा पानी मिल सके। हालांकि, इसके साथ उपभोक्ताओं को पानी के बिल में बढ़ोतरी का भी सामना करना पड़ेगा।

शहर समेत प्रदेश के कई इलाकों में अभी से पेयजल किल्लत की शिकायतें सामने आने लगी हैं। गर्मियों में पानी की मांग बढ़ने और स्रोतों में कमी आने के कारण हालात और बिगड़ने की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए जल संस्थान ने क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत और जल स्रोतों को दुरुस्त करने का काम तेज कर दिया है। जल संस्थान के अधिकारियों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में लगातार निर्माण कार्यों के चलते पानी की मांग काफी अधिक रहती हैl

सामान्य दिनों में स्थिति संतुलित रहती है, लेकिन गर्मियों में मांग बढ़ने से आपूर्ति प्रभावित होती है। इसी कारण निर्माण कार्यों के लिए दिए जाने वाले नए व्यवसायिक कनेक्शनों पर एक अप्रैल से रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। यह रोक मानसून आने तक जारी रहेगी और जुलाई से दोबारा कनेक्शन जारी किए जाएंगे। इस फैसले से उन लोगों को परेशानी हो सकती है, जो इन दिनों भवन निर्माण की योजना बना रहे हैं, क्योंकि उन्हें अब बारिश के मौसम तक इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि, घरेलू पानी कनेक्शन पहले की तरह जारी रहेंगे।

नौ से 15 प्रतिशत तक बढ़ जाएंगें पानी के दाम

एक अप्रैल से पानी के बिल में नौ से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी भी स्वतः लागू हो जाएगी। शहरी क्षेत्रों में हाउस टैक्स के आधार पर तय होने वाले बिल में औसतन करीब 11 प्रतिशत वृद्धि होगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में नलों की संख्या के आधार पर नौ से 11 प्रतिशत तक बढ़ोतरी तय की गई है।

इस बढ़ोतरी के चलते उपभोक्ताओं के मासिक बिल में लगभग 15 से 25 रुपये तक की वृद्धि होगी। चूंकि जल संस्थान हर तीन माह में बिल जारी करता है, ऐसे में उपभोक्ताओं को एक बिल में 45 से 75 रुपये तक अधिक भुगतान करना पड़ सकता है। जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक डीके सिंह के अनुसार, यह बढ़ोतरी शासन की ओर से किए गए प्रविधानों के अनुरूप हर वर्ष लागू होगी है।

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