प्लास्टिक की वॉटर बॉटल्स पर लगा QR Code दिलाएगा रिफंड, देश के लिए मिसाल बनेगा डीडीआरएस

देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम समेत अन्य स्थानों पर प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के उद्देश्य से संचालित डिजिटल डिपोजिट रिफंड सिस्टम अब देश के लिए नजीर बनने जा रहा है। इसके तहत पानी व शीतल पेय की प्लास्टिक की बोतलों पर क्यूआर कोड लगाकर खाली बोतलों की वापसी पर रिफंड दिया जाता है।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में उत्तराखंड के इस नवाचार को न केवल सराहा गया, बल्कि इस प्रकार की कवायद पूरे देश में लागू करने पर सहमति बनी। बैठक में उत्तराखंड की ओर से 13 विषय रखे गए, जो उपस्थित राज्यों में सर्वाधिक रहे।

छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की 17वीं बैठक में उत्तराखंड ने विकास, सामाजिक सरोकारों और आधारभूत संरचना से जुड़े विषयों को मजबूती से रखते हुए प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक में राज्य की ओर से कुल 13 प्रमुख विषय प्रस्तुत किए गए, जो बैठक में शामिल राज्यों में सर्वाधिक रहे। बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सामाजिक-आर्थिक विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित विषयों के समाधान और अंतरराज्यीय समन्वय को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक के दौरान राज्यों द्वारा अपनाई जा रही नवाचारपूर्ण पहल और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों पर भी चर्चा हुई। उत्तराखंड ने अपनी तीन बेस्ट प्रैक्टिस पर प्रस्तुतीकरण दिया। इन राज्य-से-निवेश आपूर्ति श्रृंखला योजना, डिजिटल शिक्षा प्रबंधन प्रणाली और जल स्रोतों के संरक्षण से जुड़ा ”स्प्रिंग एवं रिवर रीजुवनेशन” कार्यक्रम शामिल रहा। साथ ही डिजिटल डिपोजिट रिफंड सिस्टम के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इन प्रस्तुतियों को बैठक में विशेष सराहना मिली।

उत्तराखंड ने उठाए यह विषय

राज्य की ओर से प्रत्येक जनपद में मेडिकल कालेज से जुड़े मानकों में संशोधन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि, निराश्रित गोवंश संरक्षण, आपदा से क्षतिग्रस्त ढांचों के पुनर्निर्माण, रेल परियोजनाओं के विस्तार, आंगनबाड़ी मानदेय तथा आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास जैसे अहम मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को मिलेगी गति : धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद राज्यों के बीच सहयोग और नीति समन्वय का प्रभावी मंच है। बैठक में हुई चर्चा और सहमति से उत्तराखंड में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति मिलेगी और इसका सीधा लाभ प्रदेश की जनता को प्राप्त होगा।

बैठक में ये रहे शामिल

उत्तराखंड की ओर से बैठक में प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण आरके सुधांशु, सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम, विनोद कुमार सुमन, राजेंद्र कुमार, विशेष सचिव गृह, निवेदिता कुकरेती, विशेष सचिव, पराग मधुकर धकाते ने हिस्सा लिया।

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