भुगतान को गलत दस्तावेज प्रस्तुत करने पर प्राइमस अस्पताल का अनुबंध निलंबित, नोटिस जारी कर पांच दिन में मांगा गया जवाब

देहरादून। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मरीजों के उपचार के एवज में भुगतान प्राप्त करने के लिए गलत दस्तावेज प्रस्तुत करना देहरादून स्थित प्राइमस अस्पताल को भारी पड़ गया है। ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) पोर्टल पर अस्पताल द्वारा किए गए क्लेम का आडिट करने पर कई गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं

इसके बाद राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने अस्पताल प्रशासन को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए अस्पताल का अनुबंध निलंबित कर दिया है। नोटिस का जवाब अस्पताल प्रबंधन को पांच दिन के भीतर देना होगा।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने जब प्राइमस अस्पताल के मरीजों के उपचार संबंधी टीएमएस पोर्टल पर प्रस्तुत किए गए दावों की जांच की तो उसमें कई खामियां सामने आई। दावों में लाभार्थी मरीज का उपचार करने वाली सर्जन के रूप में डा. अर्चना चौधरी का नाम दर्ज किया गया है, जबकि आरोप है कि संबंधित मरीज का उपचार उनके द्वारा किया ही नहीं गया।

ऐसे में गलत चिकित्सक का नाम दर्शाना गंभीर अनियमितता और अनुबंध शर्तों का उल्लंघन माना गया है। यह भी सामने आया है कि लाभार्थी मरीज का बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया। बायोमीट्रिक के अभाव में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की स्वीकृति के आधार पर क्लेम प्रस्तुत किया गया, इसे नियम विरुद्ध पाया गया है

ऐसे में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अपर निदेशक निखिल त्यागी ने प्राइमस अस्पताल को नोटिस जारी किया है। नोटिस में अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि उन्होंने किस आधार और किस अधिकार के तहत इस घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए। प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा संतोषजनक जवाब न देने की स्थिति में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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