फर्जी रैपर का इस्तेमाल कर बेचते थे नकली दवाइयां… STF की कार्रवाई, 4 कंपनी के मालिक व प्लांट हेड गिरफ्तार

 

देहरादून। विभिन्न ब्रांडेड दवा कंपनियों की हूबहू नकल कर नकली दवाइयां तैयार कर बाजार में बेचने वाले गिरोह के चार और सदस्यों को उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में तीन देहरादून जनपद जबकि एक मेरठ का रहने वाला है जोकि विभिन्न कंपनियों के मालिक हैं और कंपनियों की आड़ में नकली दवाइयों का कारोबार कर रहे थे।

एसटीएफ के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि बाजार में बिक रही नकली दवाइयों की शिकायत मिलने पर उस गिरोह की पहचान कर नकली दवाइयों को बनाने व बाजार में विक्रय करने वाले गैंग के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।

ब्रांडेड कंपनियों की नकली दवाइयां बनाने वाले पर एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई

नकली दवाइयों के बाजार में विक्रय होने और उनके जीवन रक्षक औषधि के रूप में प्रयोग करने से आम जनमानस के स्वास्थ्य में दुष्प्रभाव होता है वहीं दूसरी और राजस्व की भी बड़े स्तर पर हानि होती है। एटीएफ ने एक जून को प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के भारी संख्या में नकली रैपर व नकली आउटर बाक्स, लेबल और क्यूआर कोड के साथ आरोपित संतोष कुमार को गिरफ्तार किया था। इस संबंध में थाना सेलाकुई में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विवेचना एसटीएफ को ट्रांसफर की गई है।

मास्टर माइंड सहित 10 सदस्य पहले हो चुके हैं गिरफ्तार

एसटीएफ की टीम इस मामले में पूर्व में छह आरोपित संतोष कुमार, नवीन बंसल, आदित्य काला, देवी दयाल गुप्ता, पंकज शर्मा व विजय कुमार पांडेय को गिरफ्तार कर चुकी है।

मामले की जांच कर रहे निरीक्षक एसटीएफ यशपाल बिष्ट को पता चला कि किरोन लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड, बीएलबीके फार्मास्यूटिकल प्राइवेट लिमिटेड, आक्सी फार्मा प्राइवेट लिमिटेड और जेन्टिक फार्मास्यूटिकल प्राइवेट लिमिटेड की ओर से नियमों को ताक पर रखकर बिना ड्रग लाइसेंस के करीब 18 लाख टेबलेट बिना स्ट्रिप्स में पैक किए आरोपित नवीन बंसल उर्फ अक्षय की फर्जी फर्म बीचम बायोटेक को विक्रय की गई। इन कंपनियों ने दवा बिल में एमआरपी 00 अंकित की जोकि सरकारी अस्पताल में सप्लाई के लिए जाती है।

किसी तरह का सरकारी के लिए दवा सप्लाई का कोई एग्रीमेंट या अनुमति नहीं थी

विवेचना में यह भी पता चला है कि आरोपित नवीन बंसल उर्फ अक्षय के पास किसी तरह का सरकारी के लिए दवा सप्लाई का कोई एग्रीमेंट या अनुमति नहीं थी। इस प्रकार आरोपित नवीन बंसल उर्फ अक्षय ने बिना स्ट्रिप्स पैक की दवाइयों को कंपनी की मदद से भिवाड़ी राजस्थान में प्राप्त कर आसानी से ब्रांडेड मेडिसिन कंपनी के नाम की स्ट्रिप्स में पैक कर आरोपितों की मदद से बाजार में बेच दिया। इस प्रकार इन दवाओं को आरोपित नवीन बंसल की फर्जी फर्म बीचम बायोटेक भिवाड़ी राजस्थान ने वर्ष 2023-24 और 2024-2025 में कई बार दवा कंपनियों से अवैध रूप से दवाइयां खरीदी।

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