Uttarakhand Weather: देहरादून में बारिश ने तोड़ा रिकार्ड, पांच मकान क्षतिग्रस्त; मालदेवता में आया मलबा

 

देहरादून। प्रदेशभर में हो रही भारी बारिश पहाड़ से मैदान तक कहर बरपा रही है। राजधानी देहरादून में बीते मंगलवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश बुधवार सुबह तक जारी रही, जिससे शहर की नदियों ने रौद्र रूप ले लिया।

मालदेवता क्षेत्र में एक ही रात में 252 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 74 वर्षों में सर्वाधिक वर्षा है। अत्यधिक वर्षा से शहर से गांव तक जनजीवन खासा प्रभावित हुआ है। शहर में कई जगहों पर सड़कें मलबे में दब गई हैं, घरों और दुकानों में पानी घुस गया है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

पांच मकान क्षतिग्रस्त

देर रात नेहरू कालोनी क्षेत्र के दीपनगर इलाके में रिस्पना नदी का पुश्ता ढहने से किनारे बने पांच मकान क्षतिग्रस्त हो गए। एक मकान में फंसे पांच लोगों को पुलिस और रेस्क्यू टीम ने तेज बारिश के बीच सफल अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला।

एसएसपी देहरादून के निर्देश में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आसपास के घरों को भी खाली कराया और क्षेत्र में लगातार गश्त करते हुए लाउडहेलर के माध्यम से लोगों को सतर्क किया जा रहा है। पुलिस ने नदी-नालों के आसपास रहने वालों को अलर्ट करते हुए सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की।

वहीं, मालदेवता क्षेत्र में सड़कों पर भारी मात्रा में मलबा आने से टिहरी जिले के चंबा, धनोल्टी, कद्दूखाल जाने वाले मार्ग वा आवाजाही प्रभावित हो गई। ग्रामीणों के खेत बहने की भी सूचना है। वहीं, शहर में कई जगह कालोनियों में भारी जलभराव से लोग परेशान रहे। कई जगह सड़कें उखड़ने और पुश्ते क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।

देहरादून के साथ ही हरिद्वार में भी रिकार्ड वर्षा

देहरादून में 24 घंटे के भीतर करीब ढ़ाई सौ मिमी वर्षा हुई। जो कि 74 वर्ष में सर्वाधिक है। इससे पहले अगस्त में इससे ज्यादातर वर्षा 22 अगस्त 1951 को 332 मिमी रिकार्ड की गई थी। इसके अलावा हरिद्वार में भी बीते दो दिन से रिकार्ड वर्षा हो रही है। वहीं, ऊधम सिंह नगर में हुई 155 मिमी वर्षा वर्ष 2008 के बाद सर्वाधिक है और मुक्तेश्वर में हुई 107 मिमी वर्ष भी वर्ष 2011 के बाद सर्वाधिक है।

प्रेमनगर में भी संकट, नंदा की चौकी इलाके में नदी उफनी

प्रेमनगर के नंदा की चौकी क्षेत्र में भी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे झुग्गियों में रह रहे लोगों को रात्रि में ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार हाई अलर्ट मोड में काम कर रही हैं।

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