Uttarkashi Cloud Burst: लहरों की गड़गड़ाहट के मची चीख-पुकार, चारों तरफ मलबा ही मलबा… अब तक 4 की मौत; दर्जनों लापता

 

उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में आपदा की बड़ी घटना सामने आई है। खीरगंगा के किनारे बसे गंगोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव धराली गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई है।

बताया जा रहा है कि यह बादल खीरगंगा नदी के ऊपरी क्षेत्र में कहीं फटा, जिससे दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक खीरगंगा नदी में पानी व मलबे के साथ सैलाब आया और इस सैलाब में धराली बाजार समेत आसपास के होटल, होमस्टे ताश की पत्तों की तरह ढह गये। अभी तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की सूचना है।

यात्रा सीजन पीक पर होता तो ज्यादा होता जानमाल का नुकसान

वर्षाकाल के चलते चारधाम यात्रा की गति धीमी है। यदि यह यात्रा सीजन पीक पर होता तो यात्रा के प्रमुख पड़ाव धराली में तीर्थयात्री अच्छी तादात में रुके होते। ऐसे में ऐसे में यहां आई विनाशकारी बाढ़ में जानमाल का ज्यादा नुकसान होता।

हालांकि यहां सैलाब में लापता होने वाले लोगों की संख्या का पता नहीं चल पाया है। लापता की संख्या बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है।

सूचना पर हर्षिल में तैनात सेना की आइबैक्स रेजीमेंट समेत एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, राजस्व, पुलिस, आपदा प्रबंधन आदि की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

जिला मुख्यालय से करीब 80 किमी व गंगोत्री धाम से 25 किमी पहले खीरगंगा नदी किनारे बसे वाइब्रेंट विलेज धराली में मंगलवार को आम दिनों की तरह की लोग रोजमर्रा के कामकाज में लगे हुए थे।

इस बीच दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक खीरगंगा नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में कहीं बादल फटने से अचानक मलबे व पानी के साथ सैलाब आया।

इस सैलाब ने नदी के तटबंधों को भी लांगते हुए बाजार में बने होटल व होमस्टे को अपने चपेट में ले लिया, जिस कारण यहां करीब 15 से अधिक छोटे-बड़े होटल व होमस्टे ताश की पत्तों की तरह ढह गये। नदी में आए सैलाब के चलते दूर-दूर तक मलबा फैल गया है।

उपला टकनौर जन कल्याण मंच के अध्यक्ष माधवेंद्र सिंह रावत व स्थानीय होटल व्यवसायी संजय पंवार ने बताया कि खीर गंगा नदी में यह आई यह अब तक की सबसे विनाशकारी बाढ़ है, जिसने लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया। बताया कि अचानक आए सैलाब के चलते करीब 15 से अधिक होटल व होम स्टे तबाह हुए हैं।

धराली बाजार पूरी तरह मलबे में दब चुका है। उन्होंने भी खीरगंगा नदी के ऊपरी जल ग्रहण क्षेत्र में कहीं बादल फटने से ही यह सैलाब आने की आशंका जतायी। वहीं, धराली में आए सैलाब से लोगों में दहशत का मौहाल है।

घटना के बाद सुरक्षित बचे लोगों ने घरों को छोड़कर अपने नाते-रिश्तेदारों के साथ प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था में शरण ली है। इधर, जिलाधिकारी प्रशांत कुमार आर्य ने बताया कि आपदा में चार लोगों के हताहत होन की सूचना है।

जबकि कितने लोग लापता है, इसकी पुष्ट जानकारी नहीं है। बताया कि राहत एवं बचाव एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। पहली प्राथमिकता आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाने की है। डीएम ने बीआरओ को भी युद्धस्तर पर गंगोत्री हाईवे को खोलने के निर्देश दिए।

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