Dehradun
रायवाला वृद्धाश्रम के प्रथम तल पर 13 कमरों के साथ बाथरूम, 01 हाल और 02 कार्यालय कक्ष उपलब्ध हैं। इसमें 30 बेड का नशा मुक्ति केंद्र आसानी से संचालित किया जा सकता है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एमके शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, निदेशक सोशल वेलफेयर जगमोहन सिंह कफोला, आरडब्लूडी के अधिशासी अभियंता विनीत कुरील आदि उपस्थित थे।
नशा छुड़ाने के लिए व्यवस्थित उपचार जरूरी
जिलाधिकारी बंसल ने कहा कि समाज में नशा एक गंभीर समस्या बन चुकी है। नशे की लत छुड़ाने के लिए एक व्यवस्थित उपचार जरूरी है। इस बात को समझते हुए खनन न्यास निधि से 57.04 लाख रुपए तत्काल प्रभाव से स्वीकृत किए गए हैं। जिसमें भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ही केंद्र का संचालन किया जाएगा।
इस तरह संचालित होगी केंद्र की व्यवस्था
नशा मुक्ति केंद्र के लिए 22 पद होंगे, जिनके 06 माह के मानदेय 22.56 लाख रुपए की व्यवस्था होगी।
भवन अनुरक्षण, दवाइयां, विद्युत-पानी बिल, वाहन, स्टेशनरी, भोजन आदि के लिए 9.48 लाख रुपए
नशा मुक्ति केंद्र के लिए गद्दे, फर्नीचर, वर्तन, अलमारी, कम्प्यूटर, बायोमेट्रिक मशीन आदि सामान के लिए 25 लाख रुपए शामिल है।
नशा मुक्ति केंद्र में रजिस्ट्रेशन, ओपीडी, आइसोलेटेड रूम, स्टॉफ रूम, स्टोर रूम, वेटिंग एरिया आदि की उचित व्यवस्था की जाएगी।