Uttarakhand Rain: लगातार बारिश के चलते भानियावाला और माजरी में बाढ़ जैसे हालात, कई घरों-दुकानों में घुसा पानी

 

डोईवाला (देहरादून)। रविवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही वर्षा ने नगर के भानियावाला व माजरी ग्रांट में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न कर दिए। बरसाती खालों में अतिक्रमण के चलते भानियावाला में करीब तीन फीट तक पानी गलियों में बहता दिखाई दिया। पानी ऋषिकेश मुख्य मार्ग पर पहुंचा तो वाहन चालकों को भी आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी।

वहीं पानी के तेज बहाव में दोपहिया वाहन भी रपटते दिखायी दिए। इसके अलावा माजरी ग्रांट में भी जीवनवाला सिंचाई नहर का पानी ओवरफ्लो होने के चलते कई घरों में घुस गया। जिससे लोगों का सामान खराब हो गया। शनिवार के बाद रविवार को भी तेज वर्षा ने सरकारी सिस्टम की पोल खोल दी।

नदी खालों पर हुए अतिक्रमण ने लोगों को प्रकृति से छेड़छाड़ का नजारा दिखाया। इसका ताजा उदाहरण भानियावाला में देखने को मिला, जहां बरसाती खाले पर सरकारी सिस्टम की बनायी पक्की सड़क पर करीब तीन फीट तक पानी तेजी से बहता रहा।

इसके अलावा माजरी सिंचाई नहर ओवरफ्लो होने से भानियावाला के कई घरों व मंदिरों में पानी घुस गया। सभासद ईश्वर रौथान ने नगर पालिका से जेसीबी मंगाकर पानी की निकासी कराई। जीवनवाला सिंचाई नहर से आया पानी माजरी ग्रांट में लोगों के घरों में घुस गया।

स्थानीय निवासी सौरभ पाल ने बताया कि खेतों में पानी भर गया। लियाकत अली की दुकान में पानी घुस गया, वहीं नरेश पाल के घर में पानी भरने से चहारदीवारी धराशायी होकर गिर गई। इसके अलावा वेद प्रकाश पाल, बनारसी, शेर सिंह, फूल सिंह पाल, प्रीतम पाल, महिपाल, राजू पाल, देवेंद्र सिंह धीमान, संजू पाल आदि के घरो में भी पानी घुस गया।

सौरभ पाल ने प्रशासन से प्रभावितों को राहत देने व बरसाती पानी की निकासी सुचारु करने की मांग की है। एयरपोर्ट से आने वाले पानी ने दिखाए तेवर रविवार को हुई तेज वर्षा के बाद एयरपोर्ट से आने वाले पानी ने भी अपने तेवर दिखाए।

शनिवार को भी इस पानी के चलते आसपास के घरों में पानी भर गया था। दूसरे दिन भी हुई बारिश के चलते एयरपोर्ट के अंदर पानी एकत्र हो गया। जिसके चलते एयरपोर्ट का पिछला गेट खोलना पड़ा।

इसके कारण भारी मात्रा में पानी तेजी से बाहर निकला और आसपास के घरों मे घुस गया। नागल बुलंदावाला में नवनिर्मित सिंचाई नहर बही नागल बुलंदावाला में पिछली बरसात के बाद क्षतिग्रस्त हुई सिंचाई नहर व उसके बचाव के लिए बनाए गए तार जाल के पुश्ते रविवार को हुई तेज वर्षा में बह गए।

सुसवा नदी के प्रारंभिक बहाव को भी यह पुश्ते नही झेल पाए। जिससे कि इसकी गुणवत्ता व तकनीक पर भी सवाल खड़े हो रहे है। इसके चलते किसानों को धान की बुवाई करने के लिए पानी खेतों में पहुंचाने में कठिनाई उठानी पड़ेगी। कांग्रेस नेता गौरव सिंह, किसान नेता दरपान बोरा ने प्रशासन से नहर को सही कराने व बाढ़ सुरक्षा के उपाय कराने की मांग की है।

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