देहरादून। दिल्ली की एक कोर्ट में विचाराधीन एक प्रकरण के निस्तारण के नाम पर दून के बिल्डर से 95 लाख रुपये की ठगी हो गई। आरोपित ने वाद निस्तारण के लिए अधिवक्ता की फीस समेत अन्य खर्चे बताकर रकम ऐंठी और पीड़ित को कोर्ट से संबंधित जाली व फर्जी दस्तावेज थमा दिए। ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
थाना राजपुर में सुपर टेक अर्पाटमेंट आइटी पार्क निवासी पंकज सिरोही ने ठगी की शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि वह अभयविजन कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड फर्म के तहत निर्माण कार्य करते हैं। उनका दिल्ली की एक पार्टी के साथ एक कोर्ट केस रोहिणी कोर्ट में चल रहा है। जिसकी सुनवाई पर उन्हें कई बार जाना पड़ता था।
इस बीच उनका परिचय दक्षिण-पश्चिम दिल्ली निवासी उज्ज्वल पुरी नाम के व्यक्ति से हुई। जिसने खुद को अधिवक्ता बताया। इसके बाद आरोपित ने उन्हें दिल्ली में चल रहे केस को निस्तारित कराने का झांसा दिया और वकालतनामा पर हस्ताक्षर करा लिए।
आरोपित की बातों में आकर उसे अपना वकील नियुक्त कर दिया। तीन सितंबर 2021 को उन्होंने कोर्ट में पेश किए जाने वाले दस्तावेज पर पीड़ित के हस्ताक्षर कराए। इस दौरान आरोपित ने जाली दस्तावेज और कोर्ट की फर्जी रसीदें दिखाईं। साथ ही कोर्ट जाकर वीडियो काल पर भी वाद निस्तारण को लेकर विश्वास दिलाया।
बीते वर्षों में आरोपित ने विभिन्न किस्तों में 95 लाख रुपये ऐंठ लिए। जबकि, कोर्ट में वाद निस्तारित नहीं हुआ। इसके बाद आरोपित ने कोर्ट से गिरफ्तारी का डर दिखाकर एक लाख 75 हजार रुपये और मांगे। पीड़ित ने रकम देने से इन्कार कर दिया और ठगी के आरोपित में पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई।