देहरादून में ठंड के मौसम में पहली बार देखा गया Asian Openbill नाम का पक्षी, बेहद व‍िचि‍त्र है इसका रहन-सहन

 

विकासनगर (देहरादून)। उत्तराखंड की प्रथम रामसर साइट आसन वेटलैंड पहुंचे प्रवासी पक्षियों में पहली बार एशियन ओपनबिल स्ट्रोक नामक पक्षी भी देखा गया है। हालांकि इस साल “बार हेडेड गूज” प्रजाति का सिर्फ एक ही पक्षी यहां प्रवास पर आया है। इसकी वजह प्रतिकूल मौसम का प्रभाव माना जा रहा है।

बार-हेडेड गूज (एन्सर इंडीकस) को हिमालय पार कर ऊंचाई पर प्रवास करने वाले पक्षियों में सबसे अद्वितीय माना जाता है। जानकारों का कहना है कि “बार हेडेड गूज” पक्षी मुख्य रूप से मध्य एशिया के झीलों, दलदली क्षेत्रों और घास के मैदानों में पाया जाता है। सर्दी के मौसम में यह पक्षी भारत के विभिन्न हिस्सों में प्रवास पर आता है।

पहली बार आसन वेटलैंड में दिखा ये पक्षी

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विज्ञान विभाग में प्रो. कमल कांत जोशी व उनके निर्देशन में शोध कर रहीं आंचल सकलानी ने बताया कि फील्ड में अध्ययन के दौरान बड़ा सिर वाला हंस यानि “बार हेडेड गूज” का केवल एक ही पक्षी आसन वेटलैंड में दिखा। इसके अतिरिक्त टफ्टेड डक, यूरासियन विजन, लिटिल ग्रीब, कामन पचर्ड, रेड-क्रेस्टेड पोचर्ड, गडवाल और जलीय पक्षियों ने भी अपनी उपस्थिति अक्टूबर महीने से ही दर्ज करा दी थी।

सर्दियों के मौसम में बड़ा सिर वाला हंस निचले इलाकों की ओर प्रवास करता है। खास कर दक्षिण एशिया, जिसमें भारत प्रमुख है। यहां यह ताजे पानी की आर्द्रभूमि, जलाशयों, नदी किनारों और धान के खेतों में पाया जाता है। शोध कर रहीं आंचल सकलानी का कहना है कि वर्ष 2021 से 2023 तक नियमित अध्ययन के दौरान बार हेडेड गूज पक्षी को आसन वेटलैंड में नहीं देखा गया था।

जलीय पक्षी सर्वे में देखा गया एशियन ओपनबिल

हालांकि हरिद्वार जिले में गंगा के तट पर इस प्रजाति के 7-8 पक्षियों का एक छोटा समूह जरूर देखा गया है। दिसंबर के जलीय पक्षी सर्वेक्षण के दौरान एशियन ओपनबिल नामक पक्षी की उपस्थिति भी मिली, जो आसन बैराज के तटीय क्षेत्र में ग्रे हेरान के साथ देखा गया। शोधार्थी ने बताया कि बार हेडेड गूज पक्षी हिमालय के ऊपर से उड़ान भरता है और दुनिया की सबसे ऊंची प्रवासी उड़ान करने वाले पक्षियों में से एक माना जाता है।

ये है Asian Openbill का खानपान

यह आसन वेटलैंड और गंगा तट जैसे स्थलों पर भोजन और विश्राम के लिए रुकता है और फिर सर्दियों के अंत तक यह दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों की ओर प्रवास करता है। बड़ा सिर वाला हंस घास, जलीय पौधे, छोटे कीट और बीज खाता है। इसकी प्राकृतिक आवास स्थल झीलें, नदी किनारे और दलदली क्षेत्र होते हैं। प्रजनन के मौसम में यह मध्य एशिया, मंगोलिया, तिब्बत व चीन के उच्च पठारी क्षेत्रों में रहता है।

 

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