Heart Attack Vs Cardiac Arrest: बागपत में 8 साल की बच्ची खेल रही थी, अचानक उसको हार्ट अटैक आ गया. अब इसी मामले को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं कि 8 साल की बच्ची को हार्ट अटैक कैसे आ सकता है. इसी पर बातचीत करने के लिए डॉक्टर तरुण कुमार हमारे साथ मौजूद हैं. डॉक्टर तरुण का कहना है कि ये एपिसोड हुआ है इसको हार्ट अटैक नहीं बोलते. इसको कार्डियक अरेस्ट बोलते हैं. दो चीजों में डिफरेंशिएबल फिनोमिना होता है. इसमें जो हार्ट की आर्टरी में ब्लॉकेज जाने से आपकी ब्लड सप्लाई रुक जाती है तो उससे हार्ट अटैक आता है.
कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में अंतर
कार्डियक अरेस्ट एकॉ इलेक्ट्रिकल फिनोमिना है, इसमें आपकी हार्ट रेट कम हो जाती है. सडन स्टॉप हो जाती है, उससे आपकी हार्ट की एक्टिविटी बिल्कुल कम हो जाती है. इससे आपको अनकॉन्शियस हो जाते हैं, गिर जाते हैं. तो दोनों के दोनों डिफरेंट है. अगर हम एल्डरली पेशेंट्स की बात करें तो उसमें जो कार्डियक अरेस्ट आने का प्रमुख वजह हार्ट अटैक ही होती है, लेकिन अगर बच्चों की बात करें तो बच्चों में कार्डियक अरेस्ट आने की प्रमुख वजह हार्ट अटैक नहीं होती है. उसमें कार्डियोमायोपैथीज वेंट्रिकुलर अर्धम यास और जेनेटिक कॉसेस होते हैं. अगर कार्डियक अरेस्ट वाले पेशेंट को टाइमली सीपीआर ना मिले तो उसमें डेथ होने के चांसेस रहते हैं. इस बच्चे को टाइमली सीपीआर मिलना चाहिए था और नियर सेंटर में शिफ्ट करना चाहिए था. अगर सीपीआर शुरू कर देते हैं तो उससे भी सर्वाइवल के चांसेस कम से कम 40-50 पर बढ़ जाते हैं. अभी बीते दिनों कई केस इस तरह के आए हैं, जिसमें कम उम्र के बच्चों को हार्ट अटैक जैसा बताया जाता है
बच्चों को क्यों आता है कार्डियक अरेस्ट?
उन्होंने कहा कि ये हार्ट अटैक नहीं है. कार्डियक अरेस्ट है. बच्चों में कार्डियक अरेस्ट होने के कॉसेस यूजुअली वेंट्रिकुलर अर्धम जेनेटिक कॉज कार्डियोमायोपैथीज होती है. उनको फैमिली स्क्रीनिंग की भी जरूरत होती है तो इसको हार्ट अटैक कहना गलत होगा. इससे लोगों में पैनिक फैलता है. अगर किसी की फैमिली में सडन कार्डियक डेथ हुई है तो उसको फैमिली स्क्रीनिंग की जरूरत होती है तो इसमें जेनेटिक स्क्रीनिंग भी होती है और इको से भी आप हार्ट की स्क्रीनिंग कर सकते हैं. बच्चे आजकल जिस तरीके से खानपान कर रहे हैं तो वो भी एक कारण हो सकता है. यूजुअली बच्चों में हार्ट अटैक नहीं आता है.