ऋषिकेश। Rishikesh News: भाइयों ने बहन के घर में घुसकर उनके साथ मारपीट एवं गाली-गलौज की और जबरन पिता के शव को ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। कोतवाली पुलिस ने पीड़ित बहन की तहरीर पर आरोपित भाइयाें, भाभियों, भतीजे और भाई के दामाद पर मुकदमा पंजीकृत किया है।
ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आरएस खोलिया के मुताबिक, सुमन विहार बापूग्राम निवासी गीता लोधी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह राजकीय शिक्षा विभाग में प्रवक्ता रूप में कार्यरत हैं और पति व बहन अनीता के साथ निवासी करती हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में उनके भाइयों ने उनके 90 वर्षीय पिता को प्रताड़ित कर घर से बाहर निकाल दिया था और तब से पिता उनके पास रह रहे थे।
पिता की देखरेख वह, उनके पति और बहन करती थी। 14 अक्टूबर को पिता की हालत खराब होने पर उन्होंने उन्हें हिमालयन हास्पिटल जौलीग्रांट में भर्ती कराया। जहां उनकी सभी बहन और उनके बच्चे मौजूद थे। 21 अक्टूबर को अस्पताल में उनका भाई देवेन्द्र, उसकी पत्नी सुधा, बेटा अभिषेक, दामाद अमित और छोटा भाई मंशाराम व उसकी पत्नी मधु पहुंच गए
पिता की अंतिम इच्छा थी कि अंतिम संस्कार पुत्रियों के द्वारा हो
आरोप है कि वह लोग पहुंचकर गीता और उनकी बहनों को साथ गाली-गलौज करते हुए पिता की दवाओं और एक्सरे के बिल छीनने लगे। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई तो वह फरार हो गए। उन्होंने बताया कि भाई पिछले लंबे समय से पिता के साथ मारपीट करते आ रहे हैं। ऐसे में पिता की अंतिम इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार पुत्रियों के द्वारा हो।
उन्होंने बताया कि पांच नवंबर को इलाज के दौरान पिता की मौत हो गई। इस दौरान फिर से दोनों भाई और उनकी पत्नियां व बच्चे अस्पताल पहुुंचकर जबरन पिता के शव को छीनने लगे। इस पर गीता ने पुलिस को सूचित किया तो पुलिस और अस्पताल ने नियमानुसार उन्हें ही शव सौंपा। इसके बाद जब वह पिता का शव लेकर घर पहुंची तो दोनों भाइयों, उनकी पत्नियां, बच्चों व दामाद ने वहां पहुंचकर मारपीट शुरू कर दी और शव छीनने लगे।
उन्होंने फिर पुलिस को सूचित किया तो वह लोग पुलिस के सामने भी लगातार दबंगई दिखाते रहे और उनके घर का गेट तोड़ कर उनकी बहन और बहनों के बच्चों को पीटा। इस पर पुलिस ने उन्हें खदेड़ते हुए बहनों को अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी। लेकिन पुलिस ने जाने के बाद दोनों भाई और उनके स्वजन फिर से गीता के घर में घुस आए और जान से मारने की धमकी देते हुए जबरन पिता के शव को उठा ले गए व अंतिम संस्कार कर दिया।
गीता ने बताया कि भय के कारण वह और उनकी बहन कुछ नहीं कर सकी। इसके बाद उन्होंने देहरादून पहुंचकर एसएसपी से मामले की शिकायत की। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि एसएसपी के आदेश पर आरोपिताें के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपिताें की तलाश की जा रही है।