Dehradun News : नसों में घुल रहे नशे से डगमगा रहा जिंदगी का ‘स्टेयरिंग’, प्रदेश में बढ़ते नशे के ग्राफ ने बढ़ाई चिंता

देहरादून  नशे के सुरूर में वाहन चलाना कुछ लोग शौक समझते हैं लेकिन यह शौक कभी-कभी जिंदगी में अंधकार कर देता है। नशे की हालत में वाहन चलाना कानूनन अपराध है और इसमें सजा और जुर्माने का प्रविधान है, यह जानते हुए भी ऐसे लोग अपनी जिंदगी तो खतरे में डालते ही हैं, दूसरों के लिए भी खतरा बन रहे हैं। आंकड़े इसकी भयावहता की ओर इशारा कर रहे हैं।

शराब पीकर जमकर चला रहे गाड़ी 

इस साल सात महीने में ही प्रदेश में शराब पीकर वाहन चलाने के कारण पांच हादसे हुए और पांच लोगों की जान चली गई, जबकि छह लोग घायल हो गए। देहरादून जिले में भी नशा कर वाहन चलाने का शौक रखने वालों की कमी नहीं है। यहां सात महीने में ही शराब पीकर वाहन चलाने वाले 784 लोगों के चालान किए गए। शराब पीकर वाहन चलाने के मामले अधिकतर रात में सामने आते हैं। होटल और बार में देर रात तक जमे रहने के बाद जब शराब के शौकीन घर लौटते हैं तो हादसों का ज्यादा खतरा रहता है

नशे की हालत में वाहन चलाने वाले यह नहीं देखते कि सड़क पर और लोग भी चल रहे हैं। वह अपनी जान तो खतरे में डालते ही हैं दूसरों को भी आफत में डालते हैं। यातायात निदेशालय के आंकड़ों पर नजर डालें तो पुलिस की ओर से पिछले सात महीने में 2160 ऐसे व्यक्तियों के चालान किए, जो शराब पीकर वाहन चला रहे थे। मैदानी जिलों में ही नहीं पर्वतीय जिलों में भी लोग नियमों की धज्जियां उड़ाने में पीछे नहीं हैं। पौड़ी जिले में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के 308 चालान किए गए।

 

10 हजार रुपये जुर्माना और गिरफ्तारी का है प्रविधान

शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर 10 हजार रुपये जुर्माना व गिरफ्तारी का प्रविधान है। साथ ही वाहन को सीज किया जाता है, जिसका कोर्ट का चालान होता है। यदि वाहन चालक शराब के नशे में कहीं दुर्घटना करता है और हादसे में किसी की मौत होती है तो इसमें गैर इरादातन हत्या व 10 साल सजा हो सकती है।

 

 

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