अब अस्पतालों की लूट पर लगेगी लगाम, नियमों में होने जा रहा खास बदलाव!

नई दिल्ली :

Hospital Bills: किसी ने कहा है पहला सुख निरोगी काया, यानि अगर व्यक्ति का स्वास्थ्य ठीक है तो वह कुछ भी करने के लिए सक्षम होता है. लेकिन महंगे इलाज ने इन दिनों सभी का स्वास्थ्य खराब किया हुआ है. अस्पतालों ने लूट मचाकर रखी है. यदि किसी मरीज को तीन अस्पताल में एडमिट रहना पड़ जाए तो लाखों रुपए बिल बन जाता है. जिससे डरकर गरीब आदमी ने तो प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराना तक बंद कर दिया है.. लेकिन अब किसी को इलाज के मोटे खर्चे से डरने की जरूरत नहीं है. ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स अस्पतालों के बिल को एकसामान करने की प्लानिंग कर रहा है…

 

हॉस्पिटल की मनमानी पर लगेगी लगाम 

दरअसल, प्राइवेट अस्पताल वाले मरीज से विभिन्न प्रकार के बिल लेते हैं. जिनमें जानकारी भी स्पष्ट नहीं होती आखिर बिल है किस चीज का. कोरोनाकाल के दौरान भी प्राइवेट अस्पतालों ने मनमाना पैसा मरीज से लूटा था. मामले को गंभीरता से लेते हुए अब बिलों में पारदर्शिता लाने पर विचार किया जा रहा है. यदि नए नियम लागू होते हैं तो न सिर्फ मरीज को फायदा होगा, बल्कि प्राइवेट अस्पतालों की इमेज में सुधार भी होगा. हाल ही में हुए एक सर्वे में भी करीब 74% लोग बीआईएस के मानकों को लागू करने के हक में हैं.

 

बिलों में होता है घपला 

आपको बता दें जनता की नजर में प्राइवेट अस्पतालों इमेज बहुत खराब है. ज्यादातर लोग प्राइवेट अस्पतालों की बिलिंग प्रोसीजर से खुश नहीं है. कई लोगों ने इस बात की शिकायत जाहिर की है कि प्राइवेट अस्पतालों में बिलों में जानकारी कम दर्ज होती है लेकिन अमाउंट ज्यादा दर्ज होता है. यानी मरीज को पता ही नहीं चलता उसने किस बात के पैसे चुकाए हैं. इसलिए प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ एक अभियान चला है. हालांकि आधिकारिक रूप से अभी कुछ भी लागू नहीं किया गया है.

 

 

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