नई दिल्ली :
Cheap Medicine PM Jan Aushadhi Kendra: कई बार दवाएं इतनी महंगी होती हैं कि गरीब परिवारों को बीच में ही इलाज बंद तक करना पड़ जाता है. लेकिन सरकार हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए योजना चलाती है. कई साल पहले सरकार ने सस्ती दवाओं के लिए जन औषधी केन्द्र की शुरूआत की थी. लेकिन जानकारी के अभाव में कई लोग आज भी इन केन्द्रों से दावाई नहीं खरीद पा रहे हैं. जबकी इन केन्द्रों पर 50 से 90 फीसदी तक सस्ती दवाएं मिल रही हैं. यही नहीं सिर्फ 1 रुपए में महिलाओं के लिए सैनटरी पैड़ उपलब्ध है. यदि आप भी सस्ती दवाएं खरीदना चाहते हैं जन औषधी केन्द्र से ले सकते हैं..
हर शहर में केन्द्र उपलब्ध
दअसल, सरकार ने गरीब लोगों के लिए इन प्रधानमंत्री जन औषधी केन्द्रों की शुरूआत की थी. क्योंकि सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले लोगों को भी जब डॅाक्टर का पर्चा मिलता है तो उसके बजट में वे दवाएं खरीदना नहीं होता. गंभीर बीमारी की दवाएं पेटेंट में बहुत ही महंगी हैं. जिसके चलते गरीब लोग बीमारी का उपचार तक नहीं करा पाते थे. समस्या को देखते हुए सरकार ने जन ओषधी केन्द्रों की शुरूआत की थी. जिसमें हर गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ते रेट पर बेचना निर्धारित किया था. यही नहीं शहर में कम से कम 2 से पांच तक औषधी केन्द्र होना भी सुनिश्चित किया था. लेकिन आज भी काफी लोगों को इन दवा की दुकानों के बारे में जानकारी नहीं है..
इन दवाओं का साइड इफेक्ट होता है कम
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री जन औषधी केन्द्रों पर मिलने वाली दवाएं भी उतनी ही कारगर होती हैं. जितनी कारगर पेटेंट दवाएं होती हैं. साथ ही इनक मनुष्य की बॅाडी पर साइड इफेक्ट भी कम पड़ता है. सैनेटरी पैड की बात करें तो मार्केट में मिल रहे बड़े बड़े ब्रांड के सैनिटरी पैड से ये सस्ता भी है साथ ही इसका स्वास्थ पर कोई असर नहीं पड़ता. जिस प्रकार बाजार में आ रहे यूस एंड थ्रो सैनिटरी नैपकिन में बहुत सारे केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है, उसके इस्तेमाल से कैंसर के साथ कई अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. लेकिन केले के तने से बने इन सैनिटरी नैपकिन की खास बात तो ये है कि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है.