27 मलिन बस्तियों पर जल्द बुलडोजर चल सकता है। नगर निगम की ओर से कार्रवाई के लिए प्रशासन से पुलिसबल की मांग की गई है। साथ ही निगम के स्वास्थ्य अनुभाग को गाड़ियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
एनजीटी के आदेश पर नगर निगम ने रिस्पना नदी किनारे मार्च 2016 के बाद हुए अतिक्रमण को चिह्नित किया था। सर्वे में 27 मलिन बस्तियों में 525 अतिक्रमण चिह्नित किए गए। इनमें से नगर निगम की संपत्ति पर 89, रिवर फ्रंट योजना के तहत एमडीडीए को दी गई जमीन पर 413 और 12 अतिक्रमण मसूरी नगर पालिका की भूमि पर मिले। एनजीटी ने इस मामले में 30 जून तक हर हाल में अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देश दिए हैं। इसी के चलते निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। नगर निगम ने प्रशासन को लिखे पत्र में पुलिस फोर्स की मांग की है।
आपत्तियां मिलीं सही, अभी भी कर सकते हैं दावा
अतिक्रमण चिह्नित करने के बाद निगम ने लोगों से आपत्तियां भी मांगी थी। लोगों से मांग की गई थी कि जिनका कब्जा मार्च 2016 से पहले का है, इसको कागजों के आधार पर साबित कर अतिक्रमण के दायरे से बाहर आया जा सकता है। इस दौरान कई आपत्तियां दर्ज की गईं। निगम की जांच में करीब 15 आपत्तियां सही मिलीं। हालांकि, निगम के अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी के पास मार्च 2016 से पहले का कब्जा होने के सबूत हैं तो वह अभी भी निगम को दे सकता है।
कार्रवाई के तीन टीमें गठित
नगर निगम ने कार्रवाई के लिए तीन टीमें गठित की हैं। तीनों टीमें अलग-अलग हिस्से में काम करेंगी। इसके लिए फोर्स को भी तीन हिस्सों में बांटा जाएगा। इसके अलावा नगर निगम के स्वास्थ्य अनुभाग को तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम ने कर्मचारी, ट्रैक्टर-ट्रॉली, जेसीबी आदि संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी है।