Lok Sabha Elections 2024: भाजपा ने लोकसभा चुनावों के लिए घोषणा पत्र समिति बनाई, राजनाथ होंगे अध्यक्ष

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा चुनावों के लिए शनिवार को 27 सदस्‍यीय घोषणा पत्र समिति गठित की और पार्टी ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को इसका अध्यक्ष, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को संयोजक तथा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को सह-संयोजक बनाया है।

 

भाजपा महासचिव अरुण सिंह के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस समिति के गठन को मंजूरी दी है। समिति में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, भूपेंद्र यादव, अश्विनी वैष्णव, धर्मेंद्र प्रधान, स्मृति ईरानी और राजीव चंद्रशेखर के अलावा पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और कुछ पूर्व उपमुख्यमंत्री भी शामिल हैं।

 

मुख्यमंत्रियों में गुजरात के भूपेंद्र पटेल, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, असम के हिमंत विश्व शर्मा और छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय के नाम हैं जबकि पूर्व मुख्यमंत्रियों में शिवराज सिंह चौहान और वसुंधरा राजे के नाम हैं। समिति के अन्य सदस्यों में पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, राधामोहन दास अग्रवाल, राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा, ओपी धनखड़, अनिल एंटनी शामिल हैं।

 

पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए भी भाजपा की घोषणा पत्र समिति के प्रमुख थे। उस समिति के कई सदस्यों को मौजूदा समिति में फिर से जगह दी गई है। हालांकि, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ सहित कुछ अन्य मुख्यमंत्री इसके सदस्य नहीं हैं। भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता जो समिति में नहीं हैं, उन्हें चुनाव से संबंधित अन्य संगठनात्मक प्रक्रियाओं का हिस्सा बनाया जा सकता है।

 

भाजपा ने पिछले माह ही लोकसभा चुनावों के लिए अपने घोषणा पत्र को तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। नड्डा ने पिछले महीने ‘विकसित भारत मोदी की गारंटी’ वीडियो वाहन को हरी झंडी दिखाई थी। इसके जरिए पार्टी लोगों के सुझाव लेगी और जो उसे उपयुक्त लगेगा उसे घोषणा पत्र में समाहित करेगी। भाजपा अपने घोषणा पत्र को ‘संकल्प पत्र’ कहती है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार का घोषणा पत्र गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है।

 

पार्टी का इस बार का घोषणा पत्र 2047 तक देश को विकसित बनाने की ‘योजना’ पर भी आधारित होगा। सूत्रों के मुताबिक, 19 अप्रैल को पहले चरण के मतदान से पहले पार्टी अपना घोषणा पत्र जारी कर सकती है। कई दशकों में यह पहली बार है कि भाजपा के कुछ प्रमुख वैचारिक वादों का अपने चुनावी घोषणापत्र में उल्लेख नहीं होगा।

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा अपने दूसरे कार्यकाल में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और राम मंदिर के निर्माण के साथ दो प्रमुख वैचारिक वादे पूरे किए जा चुके हैं। कुछ राज्यों में भाजपा की सरकारें समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए भी काम कर रही हैं। अनुच्छेद 370 और राम मंदिर निर्माण के साथ ही समान नागरिक संहिता भी भाजपा का प्रमुख वैचारिक मुद्दा रहा है।

 

प्रधानमंत्री मोदी अक्सर इस बात पर जोर देते रहे हैं कि उनके तीसरे कार्यकाल में बड़े फैसले लिये जाएंगे। ऐसे में घोषणा पत्र को लेकर चर्चा जोर पकड़ रही है। लोकसभा चुनाव, सात चरणों में, 19 अप्रैल से एक जून के बीच होने हैं।

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