सड़क की खोदाई में अब जनता की राय होगी जरूरी, डीएम सुनेंगे बात; निर्देश जारी – Rajdhani Ki Hunkar

सड़क की खोदाई में अब जनता की राय होगी जरूरी, डीएम सुनेंगे बात; निर्देश जारी

 

देहरादून। विकास कार्यों के लिए सड़कों को खोदना भी जरूरी हो जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मनमर्जी से खोदाई कर जनता को अनावश्यक परेशान किया जाए। रोड कटिंग के मामलों में निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय करने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल ने नई पहल की है।

उन्होंने नोडल अधिकारी रोड कटिंग/उपजिलाधिकारी सदर को निर्देश दिए हैं कि अब से जनता को भी रोड कटिंग की अनुमति संबंधी बैठकों में आमंत्रित किया जाएगा। बैठक से पूर्व इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी की जाएगी।

बुधवार को रोड कटिंग की अनुमति को लेकर आयोजित बैठक में जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि बैठकों में जनता का प्रतिभाग होने से यह भी पता चल पाएगा कि जहां सड़कें खोदी गई हैं, वहां कहीं मनमर्जी तो नहीं की जा रही या समय पर कार्य पूरा किया गया है या नहीं। इससे निर्माण एजेंसियों को भी अधिक जवाबदेह बनाया जा सकेगा। बैठक में उपजिलाधिकारी शालिनी नेगी, कुमकुम जोशी, अधीक्षण अभियंता लोनिवि मुकेश परमार, नवनीत पांडे, शिखा अग्रवाल, राहुल कपूर, संजय सिंह, आशीष भट्ट आदि उपस्थित रहे।

गेल समय पर काम करने में फेल

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि रोड कटिंग की अनुमति इस शर्त के साथ जारी की जा रही है कि कार्यों को तय समय के भीतर पूरा किया जा सके। उन्होंने पाया कि गैस की लाइन बिछाने संबंधी कार्यों में गेल की लेटलतीफ साबित हुई है। यही स्थिति ऊर्जा निगम के कार्यों में भी सामने आई है। उन्होंने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों से दो टूक कहा कि नई कटिंग की अनुमति तभी दी जाएगी, जब पुराने कार्य पूरे होंगे।

पेयजल निगम को 5 से 8 या रात 8 से 11 बजे की अनुमति

जिलाधिकारी सविन बंसल ने पेयजल निगम को पुरानी लाइन की जगह नई लाइन बिछाने की सशर्त अनुमति जारी की। तय किया गया कि निगम शाम 5 से रात 8 बजे तक या रात 8 से 11 बजे तक ही खोदाई का काम करेगा। जिलाधिकारी ने निगम को यह हिदायत भी जारी की कि नागल हटनाला में 105 किमी कच्चे मार्गों और 5 किमी पक्के भाग पर 5 दिन में कार्य पूर्ण कर दिया जाए।

बीएसएनएल को भी अनुमति

रोड कटिंग की अनुमति की बैठक में जिलाधिकारी ने बीएसएनएल को रात में काम करने की सशर्त अनुमति जारी की। साथ ही स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि स्मार्ट सिटी के कार्यों से क्षतिग्रस्त हुई लाइनों के भुगतान की पत्रावली चलाई जाए।

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