उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में खाने से पहले ‘भोजन मंत्र’ अनिवार्य, हैंडवाश भी जरूरी

देहरादून : प्रदेश के समस्त सरकारी विद्यालयों में अब मध्याह्न भोजन ग्रहण करने से पूर्व भोजन मंत्र का वाचन तथा हस्त प्रक्षालन अनिवार्य किया गया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से पहले ही आदेश जारी किए जा चुके हैं, जिनके अनुपालन की रिपोर्ट अब जिला शिक्षा अधिकारियों (प्रारंभिक शिक्षा) के माध्यम से निदेशालय को भेजनी होगी।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. मुकुल कुमार सती ने बताया कि 29 नवंबर, 2025 को इस विषय में आदेश जारी किया गया था। आदेश के तहत सभी विद्यालयों में बच्चों को मध्याह्न भोजन से पहले भोजन मंत्र का सामूहिक वाचन कराया जाना है। साथ ही विद्यालयों की किचन की दीवार पर भोजन मंत्र अंकित करना और बच्चों में भोजन से पूर्व एवं पश्चात् हाथ धोने की आदत विकसित करना भी अनिवार्य किया गया है।

निदेशालय ने अब सभी जनपदों से इस आदेश के अनुपालन की विस्तृत सूचना निर्धारित प्रारूप में तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस प्रारूप में जनपद, विकासखंड, उन विद्यालयों की संख्या जहां भोजन मंत्र का वाचन हो रहा है, जहां किचन की दीवार पर भोजन मंत्र अंकित है, एवं जहां बच्चों को भोजन से पहले और बाद में हाथ धुलाए जा रहे हैं जैसे बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे बच्चों में स्वच्छता, अनुशासन और संस्कारों का विकास होगा।

यह है भोजन मंत्र:

ॐ ब्रह्मार्पणं ब्रह्म हविर्ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणा हुतम्।

ब्रह्मैव तेन गन्तव्यं ब्रह्मकर्म समाधिना।।

ॐ सह नाववतु सह नौ भुनक्तु सह वीर्यं करवावहै।

तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै॥

अन्नपूर्णे सदापूर्णे शंकरप्राण वल्लभे। ज्ञान वैराग्य सिध्यर्थम् भिक्षां देहि च पार्वती।

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