देहरादून। मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बिक्री करने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने शराब ठेका संचालक को परिवादी से वसूली गई अतिरिक्त धनराशि 30 रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए।
इसके अलावा परिवादी को मानसिक उत्पीड़न एवं क्षतिपूर्ति के एवज में 5000, परिवाद व्यय पर खर्च 2000 रुपये की धनराशि 45 दिन के भीतर भुगतान करने को कहा। निर्धारित समय पर भुगतान न करने पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
मंगलवार को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष पुष्पेंद्र खरे एवं सदस्य अल्का नेगी ने मामले में सुनवाई की। परिवादी अजय कौशिक निवासी मियांवाला ने एक जुलाई 2021 को आयोग में शराब अनुज्ञापी बलवंत सिंह बोरा एवं जिला आबकारी देहरादून के खिलाफ वाद दायर किया।
जिसमें उल्लेख किया कि 10 अप्रैल 2021 को रात्रि 9:51 बजे उन्होंने रिस्पना पुल स्थित शास्त्रीनगर से एक इंपीरियल ब्लू का क्वाटर खरीदा। जिसका मूल्य 150 रुपये दर्ज किया था। लेकिन शराब विक्रेता ने उनसे 180 रुपये लिए। जिसका भुगतान उन्होंने कैनरा बैंक के एटीएम से किया। अधिक मूल्य लेने की वजह पूछने पर विक्रेता ने उनके साथ अभद्रता की। परिवादी ने अधिवक्ता के माध्य से 15 अप्रैल 2024 को आबकारी विभाग एवं
21 अप्रैल 2021 शराब के ठेका मालिक नोटिस भेजा गया। नोटिस के बाद भी ठेका मालिक पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आयोग के नोटिस के बाद विपक्षी शराब ठेका मालिक ने आयोग को पत्र दिया कि परिवादी की ओर से ब्लू इंपीरियल का क्वाटर के बजाए रायल स्टैग का क्वाटर खरीदा गया। जिसका मूल्य 180 रुपये है। लेकिन आबकारी विभाग की जांच में परिवादी का आरोप सही पाया गया।
दोनों अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद आयोग ने परिवादी के पक्ष में फैला सुनाया। साथ ही क्वाटर में लिए गए अधिक 30 रुपये का भुगतान करने आदेश जारी किए। इसके साथ ही आबकारी विभाग को मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेचने वाले ठेका संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए।