देहरादून। शराब कंपनी रेडिको खेतान ने त्रिकाल नाम से व्हिस्की का प्रीमियम ब्रांड लांच किया है। फिलहाल, इस बिक्री के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र में अधिकृत किया गया है। हालांकि, त्रिकाल नाम के ब्रांड की शराब के बाजार में उतरते ही संत समाज और अन्य संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
इसी बीच इंटरनेट मीडिया पर गवाह फैलाई गई कि उत्तराखंड में भी भगवान शिव के नाम से जुड़े त्रिकाल ब्रांड की शराब बेची जा रही है। उत्तराखंड आबकारी विभाग ने इसका खंडन करते हुए कहा कि यह अफवाह किसी साजिश का हिस्सा है। उत्तराखंड और यहां की सरकारी मशीनरी की छवि धूमिल करने वालों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।
आबकारी विभाग ने इंटरनेट मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों को बताया साजिश
मंगलवार को प्रेस बयान जारी करते हुए आबकारी आयुक्त एचसी सेमवाल ने कहा कि त्रिकाल नाम के शराब के ब्रांड को न तो उत्तराखंड में उत्पादन की अनुमति दी गई है और न ही रजिस्ट्रेशन या बिक्री के लिए किसी भी प्रकार की स्वीकृति दी गई है। इस तरह की खबरें प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली हैं। उत्तराखंड देवभूमि है। लिहाजा, यहां ऐसे किसी भी ब्रांड की बिक्री या उत्पादन की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिसका नाम देवी-देवताओं या धार्मिक अवधारणाओं से मिलता-जुलता हो।
एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी
आबकारी आयुक्त ने कहा कि जिस किसी ने भी सोची समझी साजिश के तहत त्रिकाल नाम के ब्रांड की बिक्री की अफवाह फैलाई है, उसका उद्देश्य उत्तराखंड और उसके प्रशासनिक तंत्र को बदनाम करना है। ऐसे व्यक्तियों की पहचान के लिए एफआइआर दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आबकारी आयुक्त ने जनता से अपील की है कि इस तरह की खबरों पर भरोसा न करें और इसकी सूचना तत्काल आबकारी विभाग या संबंधित प्रशासन को दें।