देहरादून। Congress Protest in Dehradun: कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राज्य में बदहाल शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर दिया धरना। उन्होंने महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग भी उठाई।
इस दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को धरने से उठाने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता डटे रहे। तकरीबन एक घंटे के बाद पुलिस ने सख्ती बरतते हुए कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इस बीच कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक और धक्कामुक्की हुई। पुलिस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर ले गई और रिजर्व पुलिस लाइन ले जाकर छोड़ दिया।
शिक्षा मंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाए
शुक्रवार को यमुना कालोनी स्थित शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत के आवास के बाहर चकराता विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के सांकेतिक धरना का कार्यक्रम था। उनके नेतृत्व में प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा समेत काफी संख्या में कार्यकर्ता भी पहुंचे। यहां मंत्री के आवास के गेट के बाहर धरना देते हुए कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था की बदहाली का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य के सरकारी चिकित्सालयों में आमजन को उपचार नहीं मिल पा रहा है। शिक्षकों की कमी के कारण सरकारी शिक्षण संस्थानों में शिक्षा व्यवस्था चौपट है। ऐसे में लोग निजी चिकित्सालय जाने को मजबूर हैं। उन्होंने बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं पर बडे़-बडे़ दावे करने वाली सरकार के मुखिया को अपना उपचार कराने दिल्ली जाना पड़ा था।
कहा कि ऋषिकेश एम्स में मशीनों की खरीद और नियुक्तियों में भारी भ्रष्टाचार हुआ। विश्व स्तरीय चिकित्सा का दावा करने वाले ऋषिकेश एम्स में मरीजों को सही उपचार नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा राज्य के विद्यालयों में शिक्षकों का भारी टोटा है। सरकार की कमजोरी का ही कारण है कि राज्य के महाविद्यालयों में छात्रसंघ के चुनाव तक कराने में राज्य का शिक्षा मंत्रालय असमर्थ है।
कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर निजी मुचलके पर छोड़ा
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों को पीपीपी मोड पर दे रही है। पूरी तरह से ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था और खस्ताहाल चिकित्सालयों में चिकित्सकों की कमी से महिलाओं को सड़कों पर और शौचालयों में प्रसव करने को मजबूर होना पड़ा रहा है। राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था राम भरोसे है।
कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जबरन उठाने का प्रयास किया और इस बीच काफी बहस हुई। पुलिस ने तकरीबन100कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रेसकोर्स पुलिस लाइन ले जाकर निजी मुचलके पर छोड़ दिया।