मानसून के कमजोर पड़ने का सीधा असर तापमान पर दिखाई दे रहा है। बारिश और बादलों की मौजूदगी के कारण पिछले दिनों तापमान अपेक्षाकृत कम बना हुआ था। अब बारिश की गतिविधियां कम होने और धूप निकलने से तापमान लगातार ऊपर चढ़ रहा है। मौसम में नमी अधिक होने के कारण उमस भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
मानसून की रफ्तार धीमी पड़ते ही मैदानी इलाकों में मौसम के तेवर बदलने लगे हैं। बीते कुछ दिनों से बारिश का दौर कमजोर पड़ने के साथ ही दिन में चटक धूप खिल रही है। इसके चलते तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बुधवार को देहरादून में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब चार डिग्री अधिक दर्ज किया गया। तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से दिनभर गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान किया।
बारिश के दौरान जहां मौसम सुहावना बना हुआ था, वहीं अब धूप की तल्खी बढ़ने लगी है। सुबह से ही आसमान साफ रहने के कारण सूरज के तेवर तीखे रहे। दोपहर के समय गर्मी का असर सबसे अधिक महसूस किया गया। बाजारों और सड़कों पर निकलने वाले लोगों को उमस के कारण परेशानी झेलनी पड़ी
आज भारी बारिश की चेतावनी
प्रदेश के पर्वतीय जिलों के कुछ इलाकों में दस सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार देहरादून समेत टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में गर्जन के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी बिजली चमकने के साथ तेज दौर की बारिश होने का अनुमान है। आने वाले दिनों की बात करें तो 15 सितंबर तक प्रदेश भर में मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहेगा
दिन में गर्मी, सुबह-शाम कुछ राहत
राजधानी में दिन के मुकाबले सुबह और शाम के समय मौसम कुछ राहत देने वाला बना हुआ है। हालांकि दिन चढ़ने के साथ ही धूप तेज होने से गर्मी बढ़ जाती है। मौसम में नमी के कारण पसीने और उमस का असर भी महसूस किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि मानसून के बीच सितंबर में इस तरह की गर्मी ने एक बार फिर गर्मी का अहसास करा दिया है। उधर मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान बारिश की गतिविधियों में उतार-चढ़ाव सामान्य है। बारिश कमजोर पड़ने पर तापमान बढ़ना स्वाभाविक है।