देहरादून। शुक्रवार शाम देहरादून में युवाओं के सामने दो अलग-अलग मंच थे।
एक ओर रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल मैदान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी युवाओं से संवाद कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर परेड ग्राउंड में आयोजित लोक संवर्धन पर्व के मंच पर ‘धुरंधर’ फेम पंजाबी गायिका जैस्मिन सैंडलस का लाइव कंसर्ट शुरू हो चुका था।
शाम बीतते-बीतते राजनीतिक संवाद पर संगीत का रंग ऐसा चढ़ा कि युवाओं की सबसे बड़ी महफिल जैस्मिन के नाम हो गई।
परेड ग्राउंड में शाम से ही युवाओं का हुजूम उमड़ना शुरू हो गया था। कार्यक्रम शुरू होते-होते पूरा मैदान खचाखच भर गया। अनुमान के मुताबिक पांच हजार से अधिक युवा कंसर्ट में पहुंचे। स्थिति यह रही कि मैदान के भीतर ही नहीं, बाहर सड़क तक युवाओं की भीड़ नजर आई।
हाथों में मोबाइल, हवा में चमकती फ्लैशलाइटें व हर गीत पर गूंजता शोर पूरे माहौल को किसी बड़े म्यूजिक फेस्टिवल में बदल रहा था।
जैस्मिन सैंडलस जैसे ही मंच पर पहुंचीं, पूरा परेड ग्राउंड तालियों और सीटियों से गूंज उठा। ‘यार ना मिले’, ‘बाम्ब जट्ट’, ‘पिंच’, ‘बम्बू’ समेत उनके लोकप्रिय गीतों पर हजारों युवा देर रात तक झूमते रहे।
हर गीत के साथ दर्शकों का उत्साह बढ़ता गया और पूरा मैदान एक साथ सुर और ताल में थिरकता दिखाई दिया। कई युवा गीतों के बोल गाते हुए मोबाइल कैमरों में इस पल को कैद करते रहे।
दिलचस्प संयोग यह रहा कि जिस समय राहुल गांधी युवाओं के भविष्य, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत कर रहे थे, उसी समय शहर का बड़ा युवा वर्ग परेड ग्राउंड में संगीत के रंग में डूबा हुआ था।
शाम की सबसे ज्यादा चर्चा किसी राजनीतिक भाषण की नहीं, बल्कि जैस्मिन सैंडलस की ऊर्जावान प्रस्तुति और युवाओं के जबरदस्त उत्साह की रही।
लोक संवर्धन पर्व के मंच पर यह प्रस्तुति आयोजन के सबसे बड़े आकर्षण के रूप में उभरी। देर रात तक परेड ग्राउंड में युवाओं का जोश कम नहीं हुआ और शनिवार की शाम दून में यह साफ दिखा कि युवाओं की सबसे बड़ी महफिल जैस्मिन सैंडलस ने अपने नाम कर ली।