देहरादून की 129 बस्तियों में अब ऑनलाइन जमा होगा हाउस टैक्स, ऑफलाइन व्यवस्था बंद

देहरादून। नगर निगम देहरादून की 129 बस्तियों में एक बार फिर हाउस टैक्स वसूली की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार कर का भुगतान केवल आनलाइन माध्यम से किया जा रहा है।

निगम ने मौखिक रूप से बस्तियों के लोगों से अपना हाउस टैक्स आनलाइन जमा कराने को कहा है। हालांकि, फिलहाल वही उपभोक्ता टैक्स जमा कर सकेंगे, जिनके मकान पहले से नगर निगम के कर रिकार्ड में दर्ज हैं।

हाउस टैक्स के दायरे में 40 हजार मकान 

सूत्रों के अनुसार, नगर निगम के रिकार्ड में बस्तियों के करीब 40 हजार मकान हाउस टैक्स के दायरे में आते हैं। दो वर्षों से टैक्स वसूली प्रभावित होने के कारण निगम को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है। अब आनलाइन व्यवस्था लागू होने से टैक्स संग्रह के दोबारा गति पकड़ने की उम्मीद है।

नगर निगम ने बस्तियों में आफलाइन हाउस टैक्स जमा करने की व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी है। इसकी बड़ी वजह वर्ष 2016 के बाद नदी-नालों के किनारे हुए निर्माण हैं, जिन्हें नियमों के तहत अवैध माना जा रहा है। वहीं, वर्ष 2016 से पहले बने मकानों को मलिन बस्ती (सुधार एवं नियमितीकरण) अधिनियम के तहत संरक्षण प्राप्त है।

इसके अलावा राज्य सरकार वर्ष 2018 से बस्तियों के नियमितीकरण की दिशा में अध्यादेश लाने की प्रक्रिया में लगी है। आनलाइन टैक्स व्यवस्था लागू होने के बाद नगर निगम के पास प्रत्येक मकान का डिजिटल रिकार्ड उपलब्ध होगा। इससे यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित भवन का क्षेत्रफल कितना है, उसमें कितना विस्तार हुआ है और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है।

बस्तियों से मिलता था पांच करोड़ से अधिक का राजस्व

नगर निगम को बस्तियों से हर वर्ष पांच करोड़ रुपये से अधिक का हाउस टैक्स प्राप्त होता रहा है। टैक्स वसूली पर रोक लगने से यह आय प्रभावित हुई थी। अब आनलाइन भुगतान शुरू होने से निगम को दोबारा इस राजस्व की प्राप्ति होने की संभावना है

इन क्षेत्रों में स्थित हैं प्रमुख बस्तियां

नगर निगम के रिकार्ड के अनुसार मोहिनी रोड, बलवीर रोड, तेगबहादुर रोड, नेमी रोड, रिस्पना पुल क्षेत्र, दीपनगर, रामनगर, दून विश्वविद्यालय रोड, पटेलनगर, कारगी रोड, बिंदाल पुल, किशननगर, पथरिया पीर, लोहारवाला सहित कई इलाकों से लगी बस्तियां हाउस टैक्स के दायरे में आती हैं

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