देहरादून। किसी भी परिवार के लिए गंभीर बीमारी सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि आर्थिक संकट भी लेकर आती है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए जीवनरक्षक बनी आयुष्मान भारत योजना ने देहरादून जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदल दी है।
जिले में योजना की उपलब्धिय बताती हैं कि अब गंभीर बीमारियों का इलाज गरीबों के लिए भी सुलभ हो गया है। जिले के आंकड़े बताते हैं कि यह योजना सिर्फ सरकारी पहल नहीं बल्कि हजारों परिवारों के लिए भरोसे और सुरक्षा की मजबूत ढाल बन चुकी है। जहां महंगे इलाज का डर काफी हद तक कम हुआ है।
जिले की स्थिति
आज आयुष्मान भारत दिवस पर जानते हैं जिले की स्थिति। इस योजना के तहत पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज मिलता है। जिले में आयुष्मान योजना के तहत मार्च तक 12,23339 से अधिक लोगों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। वर्ष 2026 में 11,887 नए लाभार्थी योजना से जुड़े, जबकि अब तक कुल 4,18,295 लोग इस योजना का लाभ लेकर राहत पा चुके हैं।
वर्षवार आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024 में 1,15117, 2025 में 1,55,667 और इस वर्ष मार्च तक 26,959 मरीजों ने योजना के तहत मुफ्त इलाज प्राप्त किया है। वहीं, इस योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में जिले में 28 सरकारी और 55 निजी अस्पताल योजना से जुड़े हैं, जहां लाभार्थियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है।
खास बात यह है कि भर्ती से तीन दिन पहले और 15 दिन बाद तक की जांच, दवाएं और इलाज भी मुफ्त मिलता है। दून के आंकड़े बताते हैं कि यह योजना न सिर्फ इलाज का माध्यम बनी है, बल्कि गरीबों के लिए भरोसे और सुरक्षा की मजबूत ढाल भी साबित हो रही है।
जागरूकता और पहुंच पर जोर
आयुष्मान भारत दिवस के उपलक्ष में जिले में लोगों को योजना के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं। जिन परिवारों के कार्ड नहीं बने हैं, उन्हें नजदीकी सीएससी सेंटर अथवा अस्पताल में संपर्क कर कार्ड बनवाने की सलाह दी जा रही है।