देहरादून । राज्य के पॉलिटेक्निक संस्थानों में कैमिकल इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस इंजीनियरिंग जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम तेजी से युवाओं की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। उद्योगों में कुशल तकनीकी जनशक्ति की बढ़ती मांग के कारण इन ट्रेड्स में प्रशिक्षित छात्रों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ऐसे पाठ्यक्रमों की मांग और बढ़ेगी, जिससे अधिक संस्थानों में इन्हें शुरू करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है
प्लेसमेंट सेल को किया सक्रिय
प्राविधिक शिक्षा विभाग के अनुसार, सभी पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्लेसमेंट सेल को सक्रिय किया गया है। इंडस्ट्री के साथ बेहतर समन्वय के चलते कैंपस प्लेसमेंट के जरिए छात्रों को सीधे कंपनियों में नौकरी मिल रही है।
हाल के आंकड़ों के मुताबिक, इन ट्रेड्स के छात्रों को शुरुआती पैकेज आठ लाख रुपये तक मिल रहा है, जो पारंपरिक कोर्सों की तुलना में आकर्षक माना जा रहा है
सरकार कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। रोजगार मेलों, इंडस्ट्री विजिट और आन-जाब ट्रेनिंग जैसी पहल से छात्रों की व्यावहारिक दक्षता भी बढ़ रही है। वर्तमान में मेंटेनेंस इंजीनियरिंग आमवाला संस्थान में संचालित है, जबकि कैमिकल इंजीनियरिंग काशीपुर और ऊधमसिंह नगर के पॉलिटेक्निक में उपलब्ध है।
पारंपरिक इंजीनियरिंग ट्रेड्स में भी बेहतर प्लेसमेंट
राज्य सरकार के आनलाइन प्लेसमेंट पोर्टल के माध्यम से इस वर्ष केवल चार महीनों में 1644 युवाओं को बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी मिली है। इनमें कंप्यूटर इंजीनियरिंग के 1024, मैकेनिकल के 825 और इलेक्ट्रिकल के 745 छात्र शामिल हैं। यह व्यवस्था छात्रों के लिए वरदान साबित हो रही है।
पॉलिटेक्निक में छात्राओं की संख्या कम
राज्य के 71 राजकीय पॉलिटेक्निक में कुल 5442 छात्रों में से केवल 1335 छात्राएं हैं। विभाग अब छात्राओं की भागेदारी बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है
शत-प्रतिशत प्लेसमेंट का लक्ष्य
प्राविधिक शिक्षा निदेशक देशराज के अनुसार, सरकार का लक्ष्य वर्षभर प्लेसमेंट गतिविधियों को जारी रखते हुए सत्र के अंत तक सभी पॉलिटेक्निक छात्रों को रोजगार उपलब्ध कराना है।