देहरादून। गैस की परेशानी अभी खत्म नहीं हुई कि नई तकनीकी मुसीबत से उपभोक्ताओं को जूझना पड़ रहा है।
गैस सिलिंडर बुक करने के बाद कई उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर डीएसी (डिलीवरी आथेंटिकेशन कोड) नंबर नहीं पहुंच रहा है।
बगैर डीएसी के डिलीवरी मैन सिलिंडर देने से मना कर रहे हैं, जबकि सिलिंडर बुक करने के बाद उपभोक्ता मोबाइल पर मैसेज आने का इंतजार कर रहे हैं।
गैस आपूर्ति में डिजिटल बुकिंग के दावों के बीच वर्तमान में उपभोक्ता तकनीकी खामियों से जुझ रहे हैं।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में एजेंसियों के बाहर से लोगों की लंबी कतारें गायब हो गई हैं। गैस बुकिंग के बाद मोबाइल पर डीएसी कोड नहीं आने से उपभोक्ता चिंता में हैं।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस बुक हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन मोबाइल पर डीएसी कोड नहीं आया।
जब एजेंसी जाते हैं, तो वहां सर्वर डाउन होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। ऐसे में उपभोक्ताओं के पास सिवाय एजेंसी के चक्कर लगाने के कोई रास्ता नहीं बचा है।
एजेंसी संचालकों का तर्क
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि डीएसी कोड की समस्या मुख्य सर्वर या मोबाइल नेटवर्क की खराबी के कारण हो रही है। उपभोक्ताओं का नंबर कई बार अपडेट नहीं होने से इसमें दिक्कत आती है। हालांकि, एजेंसी स्तर पर मैन्युअल तरीके से गैस बुकिंग की सुविधा मिल रही है।
एजेंसी और तेल कंपनियों पर उठ रहे सवाल
गैस सिलिंडर की आपूर्ति में डीएसी कोड की अनिवार्यता से उत्पन्न संकट से गैस एजेंसी और तेल विपणन कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
उपभोक्ताओं के आरोप है कि तेल कंपनियों के सर्वर अक्सर डाउन रहते हैं। बुकिंग के बाद समय पर डीएसी नंबर नहीं मिल पाता।
आरोप है कि तेल कंपनियां जान-बूझकर सीमित संख्या में ही डीएसी जारी कर रही हैं, ताकि कागजों पर बैकलाक कम दिखे।
बुकिंग के सात दिन बाद भी नहीं आया डीएसी मैसेज
प्रेमनगर निवासी अरविंद ने बताया कि गैस बुक किए सात दिन से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अभी तक डीएसी कोड का मैसेज नहीं आया है। ऐसे में सिलिंडर की डिलीवरी कैसे होगी। गैस खत्म होने वाली है।
वहीं, सेवला कलां निवासी अशोक वर्मा ने बताया कि बुकिंग कराए पांच दिन हो गए हैं, अभी तक डीएसी नहीं मिला है। ऐसे में कब सिलिंडर मिलेगा पता नहीं है।