देहरादून
रसायन युक्त रंगों के आखों में जाने से एलर्जिक रिएक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर कॉर्निया और कंजेक्टिवाइटा पर पड़ता है।
होली पर रसायन युक्त रंग उत्साह में व्यवधान पैदा न कर दें इसके लिए लोगों को सावधान रहना होगा। नेत्र और त्वचा रोग विभाग के चिकित्सकों ने इस पर चिंता जाहिर की है
दून अस्पताल ने वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज सारस्वत ने बताया कि रसायन युक्त रंगों के आखों में जाने से एलर्जिक रिएक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर कॉर्निया और कंजेक्टिवाइटा पर पड़ता है। रंग के कण अंदर जाने के बाद अगर आंखों को मसल दिया जाए तो अंदर घाव भी पैदा हो सकता है। रंग जाने के बाद आंखों में जलन, लालिमा और खुजली आदि प्राथमिक लक्ष्रण के रूप में सामने आते हैं। ऐसे मेें लोगों को होली खेलते समय सजगता बरतनी होगी
इसके अलावा त्वचा पर रसायन वाला रंग लगने से एसीडी यानि एलर्जिक कॉन्टैक्ट डर्माटाइटिस संक्रमण हो जाता है। इसकी वजह से लोगों की त्वचा पर लाल दान और खुजली होने के साथ ही त्वचा बाहर निकलने लगती है।
ऐसे रखें आंखों की ख्याल
1- हर्बल रंगों से होली खेलें
2- चश्मे का इस्तेमाल करें
3- रंग जाने आंखों को साफ पानी से धुलें
4- आखों को मसलने से बचें
ऐसे रखें त्वचा का ख्याल
1- होली खेलते समय शरीर के अंगों को ढक लें
2- त्वचा पर मोइस्चराइजर लगाएं
3- बच्चों को पक्के रंगों से दूर रखें