देहरादून: नववर्ष के अवसर पर उत्तराखंड में बढ़ने वाली पर्यटक आवाजाही और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग ने विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 30 दिसंबर से एक जनवरी तक दिन-रात चले अभियान में देहरादून संभाग के चार जनपदों देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और उत्तरकाशी में कुल 1471 वाहनों का चालान, जबकि 118 वाहनों को बंद (सीज) किया गया।
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) डा. अनीता चमोला के निर्देशन में चले इस अभियान के लिए देहरादून में 21 व हरिद्वार में 18 सहित कुल 41 प्रवर्तन दल तैनात किए गए, जिनमें 150 प्रवर्तन अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। डा. चमोला स्वयं भी चेकिंग अभियान में सक्रिय रूप से मौजूद रहीं।
परिवहन विभाग के अनुसार सघन प्रवर्तन का सकारात्मक असर दिख रहा है। देहरादून और हरिद्वार में दुर्घटनाओं में कमी आई है, जबकि टिहरी और उत्तरकाशी में अन्य जनपदों की तुलना में दुर्घटनाएं कम दर्ज की गई हैं।
डा. अनीता चमोला ने कहा कि सड़क सुरक्षा सर्वोपरि है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ओवरस्पीडिंग और नशे में ड्राइविंग पर कड़ा शिकंजा
दो दिनों की कार्रवाई में ओवरस्पीडिंग के 355 और नशे का सेवन कर वाहन चलाने के 58 मामलों में चालान किए गए। नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कठोर रुख अपनाते हुए उनके ड्राइविंग लाइसेंस छह माह के लिए निलंबित करने की कार्यवाही शुरू की गई।
क्षेत्रवार कार्रवाई का हाल
देहरादून शहर में ओवरस्पीडिंग के 93 मामलों में कार्रवाई करते हुए 292 चालान और 20 वाहन बंद किए गए। विकासनगर में 151 चालान व आठ वाहन सीज किए गए। ऋषिकेश में 213 चालान व छह वाहनों को बंद किया गया। हरिद्वार में सर्वाधिक सख्ती दिखी, यहां 350 चालान, 45 वाहन सीज किए गए। रुड़की में 346 चालान और 36 वाहन बंद किए गए, जबकि टिहरी में 81 चालान और दो वाहन सीज किए गए।