देहरादून: सुगम सफर की दिशा में नए साल 2026 की सबसे बड़ी उम्मीद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की है। माना जा रहा है कि जनवरी माह के अंत में या फरवरी माह के मध्य तक एक्सप्रेसवे को जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
इस मेगा परियोजना का सबसे बड़ा रोमांच एशिया का सबसे बड़ा ग्रीन कारीडोर 12 किमी एलिवेटेड रोड है। यह न सिर्फ परियोजना का अंतिम छोर है, बल्कि सबसे अहम हिस्सा भी है।
देहरादून से सीधे रूप में जुड़े इस भाग के अवशेष कार्य जैसे-साइनेज, स्पीड मापने वाले कैमरे लगाने जैसे काम लगभग पूरे किए जा चुके हैं। वहीं, मोबाइल टावर को इंस्टाल किए जा रहे हैं। एलिवेटेड रोड के बचे काम 15 दिन में पूरा किया जाएगा।
आवेश कार्यों की बात की जाए तो डाटकाली जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर बनाए जा रहे धनुषाकार फ्लाईओवर का काम ही बाकी है। यह काम भी मूल परियोजना का भाग नहीं था, बल्कि इसे बाद में भी जोड़ा गया।
हालांकि, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के अधिकारियों के अनुसार 15 दिन में इस भाग को भी पूरा कर दिया जाएगा। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह के अनुसार एक्सप्रेसवे को जनता के लिए खोलने की केंद्र सरकार की तैयारी को देखते हुए तेज गति से काम किया जा रहा है
एलिवेटेड रोड पर कैमरे मापेंगे स्पीड, आनलाइन कटेगा चालान
एलिवेटेड रोड पर रफ्तार के शौकीनों को नियंत्रण में रखने के लिए एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) की व्यवस्था की जाएगी। इसके माध्यम से कैमरे स्पीड पर निगाह रखेंगे और तय मानक से अधिक रफ्तार पाए जाने पर आनलाइन चालान कटेगा। यह कैमरे भी लगभग सभी जगह लग चुके हैं।
दुर्घटना की सूचना स्वत: कंट्रोल रूम को मिलेगी
एलिवेटेड रोड पर वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम (वीआइडीएस) लगाए जाएंगे। जो सड़क दुर्घटना की दशा में स्वत: ही कंट्रोल रूम को सूचना भेज देंगे। ताकि समय राहत एवं बचाव कार्य किए जा सकें। दिसंबर माह तक यह कार्य भी पूरा कर दिया जाएगा।