देहरादून, 8 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)*
देहरादून के चखुवाला स्थित प्राचीन शिव-राम मंदिर में पिछले सात दिनों से चल रहे साप्ताहिक श्रीमद् भागवत ज्ञान महायज्ञ का आज गुरुवार को हवन-पूजन और विशाल भंडारे के साथ भव्य समापन हो गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
*पितरों की मुक्ति के निमित्त था आयोजन -*
आयोजन समिति के सदस्य सतीश कपूर और अरुण शाह ने बताया कि इस भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य समस्त पितरों की आत्मा की शांति और मुक्ति के निमित्त था। मान्यता है कि पितृपक्ष में और उसके उपरांत भागवत श्रवण से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इसी पावन भावना के साथ इस साप्ताहिक यज्ञ का आयोजन किया गया था।
*आचार्य सुनील ममगाई के मुखारबिंद से बही ज्ञान गंगा -*
पूरे सप्ताह कथा व्यास परम पूज्य आचार्य सुनील ममगाई जी महाराज ने अपने मुखारबिंद से ज्ञान की अमृत वर्षा की। उन्होंने श्रीमद् भागवत के विभिन्न प्रसंगों – गजेंद्र मोक्ष, ध्रुव चरित्र, प्रहलाद चरित्र, कृष्ण जन्मोत्सव, गोवर्धन लीला और रुक्मणी विवाह की कथा का सारगर्भित वर्णन किया।
अंतिम दिन की कथा में आचार्य जी ने जीवन और मृत्यु के गूढ़ रहस्य, मोक्ष का मार्ग और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान में भागवत की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “विज्ञान शरीर की खोज करता है और भागवत आत्मा की। जब तक ज्ञान के साथ भक्ति नहीं जुड़ेगी, तब तक मुक्ति संभव नहीं है।”
कथा के दौरान महिलाओं द्वारा कृष्ण जन्मोत्सव पर बधाई गीत और रुक्मणी विवाह पर मंगल गीत गाए गए, जिससे पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया।
*भंडारे के साथ हुआ समापन -*
कथा के समापन के पश्चात विधि-विधान से हवन-पूजन किया गया और उसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। दोपहर 12:30 बजे से शुरू हुए भंडारे में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से अरुण शाह, दीपा शाह, रवि शर्मा, मीना शर्मा, भागीरथ ध्यानी, सुरेंद्र बडोनी, पूर्व मनोनीत पार्षद सतीश कपूर, हरीश नारंग, चंद्र मोहन अरोड़ा, क्षेत्रीय पार्षद अर्जुन सोनकर, कैलाश अग्रवाल, गीता कपूर, संदीपा, अनिल चटर्जी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।