*देहरादून, 03 अक्टूबर 2026।* मध्य देहरादून के चखुवाला स्थित श्री शिव राम मंदिर में श्राद्ध पक्ष के अवसर पर पितरों की मुक्ति एवं कल्याण हेतु आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह के दूसरे दिन श्रद्धा का सैलाब देखने को मिला। कथा श्रवण को बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे और पूरा मंदिर परिसर भक्ति रस में सराबोर हो गया।
भागवत कथा का वाचन कर रहे पूज्य कथा व्यास आचार्य सुनील ममगाईं जी महाराज ने कहा कि जीव 84 लाख योनियों में भटकने के बाद यह दुर्लभ मानव जीवन पाता है। यह हमारे पूर्व जन्मों के पुण्य कर्मों का ही फल है। लेकिन मनुष्य मोह-माया के बंधन में फंसकर इस अनमोल जीवन को व्यर्थ गंवा देता है।
उन्होंने कहा कि जैसे हम अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए समय निकालते हैं, वैसे ही भक्ति के लिए भी एक निश्चित समय निर्धारित करना चाहिए। धर्म से जुड़ने से भक्ति, भक्ति से शक्ति, शक्ति से ज्ञान और ज्ञान से शील व संतोष की प्राप्ति होती है, जो अंततः सद्गति की ओर ले जाती है। जहाँ धर्म है, वहाँ अधर्म टिक नहीं सकता।
महाराज श्री ने कहा कि पितृ पक्ष में श्राद्ध-तर्पण के साथ-साथ जहाँ कहीं भी भागवत कथा हो रही हो, वहाँ शांत चित्त से बैठकर कथा सुनने से उसका पुण्य फल हमारे पितरों को भी प्राप्त होता है और उन्हें मुक्ति मिलती है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से हमारी आने वाली पीढ़ी भी अपने धर्म और संस्कृति से जुड़ी रहती है।
कथा में अरुण शाह, दीपा शाह, रवि शर्मा, मीना शर्मा, शशांक उनियाल, भागीरथ ध्यानी, सुरेंद्र बडोनी, सतीश कपूर, हरीश नारंग, पार्षद अर्जुन सोनकर, कैलाश अग्रवाल, गीता कपूर व चन्दर मोहन अरोड़ा आदि सहित सैकड़ों भक्त उपस्थित रहे।