देहरादून। दहेज हत्या के मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपित सास प्रवीणा खत्री की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने मामले की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों और विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों को देखते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार किया। सोमवार को सत्र न्यायाधीश महेश चंद्र कौशिवा की अदालत ने आदेश पारित किया।
मामला डोईवाला कोतवाली में दर्ज मुकदमे से जुड़ा है। मृतका सृष्टि कंडारी का विवाह हर्रावाला निवासी प्रवीणा खत्री के पुत्र सौरभ खत्री के साथ नवंबर 2025 में हुआ था
अभियोजन के अनुसार 29 जुलाई 2026 को मृतका की ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई। आरोपित की ओर से दलील दी गई कि प्राथमिकी झूठे और मनगढ़ंत तथ्यों के आधार पर दर्ज कराई गई है।
बचाव पक्ष ने क्या कहा?
बचाव पक्ष ने कहा कि महिला 66 वर्ष से अधिक उम्र की वरिष्ठ नागरिक हैं और शिक्षा विभाग से लेक्चरर पद से सेवानिवृत्त हुई हैं। उनके पति लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और 26 जुलाई 2026 को उनका निधन हुआ था।
वहीं अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि मृतका को दहेज की मांग को लेकर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। अभियोजन के अनुसार मृतका ने मौत से पहले अपनी मां को व्हाट्सएप के माध्यम से वीडियो भी भेजा था, जिसमें उसने पति, ननद और सास पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। विवेचना के दौरान मृतका की बहन और अन्य स्वजनों के बयान भी दर्ज किए गए। इस मामले में पुलिस आरोपित सौरभ खत्री व उसकी बहन को पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है।