देहरादून। Surya Grahan 2026 साल का पहला सूर्यग्रहण मंगलवार को लगेगा, हालांकि यह भारत में अदृश्य रहेगा। ऐसे में सभी मंदिर खुलेंगे रहेंगे और लोग पूजा-अर्चना विधि-विधान से कर सकेंगे।
सूर्य ग्रहण को लेकर लोगों में संशय बना रहा। सोमवार सुबह से लेकर देर शाम तक कई लोगों ने मंदिर जाकर तो कई फोन से पंडितों से सूर्यग्रहण और सूतककाल का समय पूछते रहे।
बाद में ज्योतिष के जानकार और पंडितों ने अपनी राय देते हुए लोगों का संशय खत्म किया। उत्तराखंड विद्वत सभा के अध्यक्ष आचार्य हर्षपति गोदियाल ने बताया कि ग्रहण जरूर है, लेकिन यह भारत में नहीं दिखेगा। ऐसे में लोग संशय में न रहें। पूजा पाठ जो भी करना है, कर सकते हैं।
मंदिर भी खुले रहेंगे। ज्योतिषाचार्य व नवग्रह शनिदेव मंदिर के डा. सुशांत राज के अनुसार, इस बार ग्रहण वलयाकार यानी रिंग आफ फायर कहलाएगा। जो अंटार्टिका के अधिकांश क्षेत्र, दक्षिणी महासागर के आसपास, दक्षिण पूर्व अफ्रीका में देखा जाएगा। भारत में यह अदृश्य रहेगा।
श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर के दिगंबर दिनेश पुरी ने बताया कि नित्य पूजा-अर्चना, हवन आदि कार्य संपन्न किए जाएंगे। श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर सकते हैं।