देहरादून। राजधानी देहरादून में बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने के लिए प्रस्तावित रिस्पना एवं बिंदाल एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट अब तेजी से रफ्तार पकड़ेगा। कैबिनेट ने इन दोनों प्रोजेक्ट को जीएसटी व रॉयल्टी में छूट देने का निर्णय लिया है। जीएसटी की राशि 46 करोड़ और रॉयल्टी की राशि 575 करोड़ रुपये है।
दून के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही इन परियोजनाओं का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा किया जाना है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इन दोनों परियोजनाओं के सिविल निर्माण का पूरा व्यय वहन करने को इस शर्त पर सहमति दी कि राज्य सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण, यूटिलिटी शिफ्टिंग का व्यय भार स्वयं वहन किया जाएगा। साथ ही डीपीआर में आंकलित होने वाली जीएसटी और परियोजना में प्रयुक्त होने वाली सामग्री पर देय रॉयल्टी में राज्य सरकार छूट देगी।
इसे देखते हुए लोनिवि की ओर से इन परियोजनाओं को जीएसटी व रॉयल्टी में छूट देने का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा। कैबिनेट ने चर्चा के बाद इसे स्वीकृति दे दी। बताया गया कि जीएसटी व रॉयल्टी की राशि लोनिवि जमा करेगा और फिर वित्त विभाग उसे वापस करेगा।
लोनिवि में समूह-ग के कार्मिक बनेंगे अवर अभियंता
लोक निर्माण विभाग में 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने और डिप्लोमा प्राप्त करने वाले समूह-ग (मानचित्रकार, लिपिक, वैयक्तिक सहायक, लेखा संवर्ग, मोटर चालक व अन्य) के कर्मचारी अब लोक सेवा आयोग के माध्यम से अवर अभियंता के पांच प्रतिशत पदों पर पदोन्नति पा सकेंगे। कैबिनेट ने इसके लिए लोक निर्माण विभाग अधीनस्थ अभियंत्रण (कनिष्ठ अभियंता सिविल, प्राविधिक, विद्युत तथा यांत्रिक) सेवा नियमावली-2007 में संशोधन को मंजूरी दी है।