देहरादून। हाल ही में आई आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुई पेयजल योजनाओं को चार दिन बाद भी दुरुस्त नहीं किया जा सका। इससे लगभग दो लाख दूनवासी पेयजल की किल्लत का सामना कर रहे हैं। पानी की कमी के कारण लोगों के दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कई लोग आसपास के घरों में लगे सबमर्सिबल पंप से पानी लेकर काम चला रहे हैं।
सोमवार-मंगलवार की मध्य रात को बादल फटने से हुई अतिवृष्टि के कारण बांदल नदी से आने वाली पाइपलाइन केसरवाला के समीप बह गई थी। इसके साथ ही बांदल नदी के स्रोत में मलबा भरने से वह चोक हो गया था। इससे शहर के करीब 15 हजार घरों में पेयजल आपूर्ति होती है।
इसी के साथ 10-10 हजार घरों को पानी देने वाली शिखर फाल और ग्लोगी फाल की पाइपलाइन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। छोटे-छोटे इलाकों में कार्लीगाड और केलाघाट स्रोत से आने वाली पाइपलाइन को भी क्षति पहुंची है।
हालांकि, जल संस्थान के अभियंताओं ने सभी योजनाओं के मरम्मत के लिए त्वरित रूप से कार्य शुरू कर दिया था, लेकिन भारी क्षति होने के कारण अभी सफलता नहीं मिल सकी है।
बीजापुर और केसरवाला नदी की आपूर्ति शुरू
मुख्य शहर में आपूर्ति देने के लिए बीजापुर कैनाल से आने वाली पेयजल आपूर्ति शुरू हो गई है। इसके साथ ही लोअर रायपुर के लिए केसरवाला नदी से आने वाली पेयजल आपूर्ति को शुरू कर दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही बांदल, शिखर और ग्लोगी फाल की आपूर्ति भी शुरू हो जाएगी।