Dehradun के दिल घंटाघर में CM Dhami ने फूंकी नई जान, शहर की बढ़ी शान

 

देहरादून। दून के ऐतिहासिक घंटाघर को नया और आधुनिक स्वरूप मिल गया है। शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घंटाघर के भव्य रूपांतरण, स्वचालित प्रकाश व्यवस्था को जनता को समर्पित किया। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए बनाए गए चार आधुनिक हिलांस-कम-किचन आउटलेट्स का विधिवत लोकार्पण किया।

शनिवार शाम को घंटाघर चौक पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देहरादून का घंटाघर शहर की पहचान है और इसके इस नए एवं आकर्षक स्वरूप से न केवल पर्यटक आकर्षित होंगे, बल्कि स्थानीय नागरिकों में गर्व की अनुभूति भी होगी।

स्वचालित प्रकाश व्यवस्था से यह स्थल रात में भी जीवंत रहेगा, जिससे देहरादून की नाइटलाइफ को नया आयाम मिलेगा। यह पहल न केवल शहर की खूबसूरती बढ़ाएगी, बल्कि नागरिकों में स्वच्छता, संरक्षण और अपने शहर के प्रति जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करेगी। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से इस ऐतिहासिक धरोहर का सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण कर इसे एक भव्य रूप दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार देहरादून समेत पूरे प्रदेश के विकास का रोडमैप तैयार कर गंभीरता से कार्य कर रही है। दून के विकास को वर्तमान में 1400 करोड़ से अधिक की लागत से विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास आदि उपस्थित रहे।

महिला सशक्तीकरण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शहर में चार आधुनिक हिलांस-कम-किचन आउटलेट्स का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह पहल महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने और उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इसके साथ ही, देहरादून के कलेक्ट्रेट, कोरोनेशन अस्पताल, गुच्चुपानी और आइएसबीटी में भी हिलांस कैंटीन चलाई जा रही हैं। इस पहल से उत्तराखंड के पारंपरिक, जैविक और स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा।

बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन की दिशा में ठोस प्रयास

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान की जानकारी भी दी।

उन्होंने बताया कि इसके तहत तीन रेस्क्यू वाहनों के साथ एक अंतरविभागीय टीम बनाई गई है। टीम में होमगार्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, पुलिस विभाग और गैर-सरकारी संस्थाएं शामिल हैं। पहले चरण में 51 बच्चों को रेस्क्यू कर विभिन्न स्कूलों में दाखिला दिलाया गया।

पार्षद की उपेक्षा करने का आरोप

घंटाघर के सुंदरीकरण कार्यों के भव्य लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री व विधायक मौजूद रहे, लेकिन कार्यक्रम में क्षेत्रीय पार्षद को नहीं बुलाया गया। इस पर शहर के पार्षदों ने नाराजगी व्यक्त की है। पार्षद संतोख नागपाल के वार्ड के अंतर्गत घंटाघर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया, लेकिन पार्षद को इसकी सूचना तक नहीं दी गई। पार्षदों का कहना है कि शहर में हो रहे सरकारी आयोजनों में लगातार क्षेत्र के पार्षद की उपेक्षा की जा रही है।

घंटाघर पर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम, शहरवासी जाम से हलकान

शनिवार शाम को घंटाघर के निकट सड़क किनारे ही मुख्यमंत्री की उपस्थिति में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान आमतौर पर घंटाघर के चारों ओर जबरदस्त ट्रैफिक होता है। राजपुर रोड, चकराता रोड, गांधी राेड की ओर से भारी आवाजाही के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान भी मार्ग डायवर्ट किए गए और आसपास के मार्गों में जबरदस्त जाम की स्थिति बन गई।

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