देहरादून। दून में सांस के रोगी बेहद सावधानी बरतें। इन दिनों दून की आबोहवा बिगड़ती जा रही है। हवा की गुणवत्ता दीपावली के बाद से प्रभावित है और अब दोबारा प्रदूषण बढ़ गया है। शनिवार को दून का औसत एक्यूआइ 250 से अधिक दर्ज किया गया। सर्दियों में धुंध के कारण वायु प्रदूषण हवा में तैरता रहता है। वाहनों का धुंआ और कूड़ा जलाने से भी वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
दीवपावली में दून की आबोहवा प्रदूषित होने के बाद बीच में दो दिन गुणवत्ता में सुधार आया था, लेकिन अब फिर से हवा खराब हो गई है। अचानक दून का एक्यूआइ खराब स्तर पर पहुंच गया है। दून में गुरुवार से ही हवा की सेहत बिगड़ रही है।
शनिवार को एक्यूआइ 254 दर्ज किया गया। दून के घाटी में स्थित होने के कारण यहां हवा में फैले पीएम-2.5 के कण समेत अन्य नुकसानदायक गैसें वातावरण में तैरती रहती हैं। यहां प्रदूषण को छंटने में अधिक समय लगता है। ऐसे में अगले कुछ दिन वायु की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद कम है।
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डा. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि इन दिनों वाहनाें, उद्योग और अन्य माध्यमों से निकलने वाला प्रदूषण हवा में ही घूमता रहता है। जो कि समय पर छंट नहीं पा रहा है और एक्यूआइ का स्तर बढ़ गया है।
सर्दियों में वायु प्रदूषण बहुत लंबे समय तक बना रहता है। साथ ही दीपावली के दौरान आतिशबाजी के कारण प्रदूषण का स्तर बेहद ऊपर पहुंच जाता है। ऐसे में गर्मियों की तुलना में सर्दियों में सांस के रोगियों को खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार ठंडी हवा सघन होती है और गर्म हवा की तुलना में धीमी गति से चलती है। ठंडी हवा का घनत्व प्रदूषण को फंसा लेता है और दून जाने में अधिक समय लगता है।