खुले में कूड़ा फेंकने वाले सावधान, शिकंजा कसेंगा एक क्यूआर कोड; कैसे? जानें इस खबर में

 

देहरादून: Dehradun News: दून को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सार्वजनिक स्थलों को साफ करने पर जिलाधिकारी का फोकस है। गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट का कूड़ा हमेशा के लिए हटाने और खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर नकेल कसने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

इसी क्रम में अब सार्वजनिक स्थलों पर क्यूआर कोड लगाने की पहल शुरू की जाएगी। जिसके बाद खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर एक्‍शन लिया जाएगा।

स्मार्ट फोन से क्यूआर कोड स्कैन कर तुरंत कूड़ा पड़ा होने या कूड़ा फेंके जाने की शिकायत की जा सकती है। जिस पर नगर निगम की टीम भी त्वरित कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द ही क्यूआर कोड लगाने के कार्य का शुभारंभ करेंगे।

निगम के कंट्रोल रूम में पहुंच जाएगी सीधा लोकेशन

दून को डस्टबिन फ्री करने के सपने को अब भी कई जगह पलीता लग रहा है। शत-प्रतिशत घर-घर कूड़ा उठान करने और सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा न होने देने के लिए नगर निगम प्रयासरत है। ऐसे में जिलाधिकारी एवं प्रशासक सविन बंसल ने शहर के सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा हमेशा के लिए हटाने की व्यवस्था पर जोर दिया है

समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तकनीक का सहारा लेते हुए पहल की जा रही है। जिसके तहत शहर के विद्युत पोल और दीवारों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। डीएम सविन बंसल ने बताया कि इस क्यूआर कोड के जरिए कोई भी व्यक्ति कूड़े की सूचना दे सकता है।

क्यूआर कोड को स्कैन करने पर एक लिंक खुलेगा और सीधा लोकेशन निगम के कंट्रोल रूम में पहुंच जाएगी। जिसके बाद टीम भेजकर वहां सफाई कराई जाएगी। इसके साथ ही इन स्कैन का डाटाबेस भी बनाया जाएगा। राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री के हाथों इस योजना का शुभारंभ किया जा सकता है।

जीवीपी को समाप्त करने का प्रयास

दून के विभिन्न क्षेत्रों में 80 से अधिक गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट (जीवीपी) हैं। जहां लोग खुले में कूड़ा फेंक रहे हैं। इन सभी प्वाइंट पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, ताकि यहां कूड़े की स्थिति का पता चल सके और त्वरित कार्रवाई की जा सके। ऐसे में जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

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