Dehradun के दोपहिया वाहन चालक ध्‍यान दें! जरा सी चूक से खाली हो जाएगी ‘जेब’

 

देहरादून। Dehradun Traffic Rules: अगर आप शहर में दोपहिया पर निकल रहे हैं तो हेलमेट पहनना सुनिश्चित कर लें। पीछे बैठे सवारी भी हेलमेट पहनना न भूलें। यह केवल चेकिंग या चालान से बचने का जरिया नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

परिवहन विभाग ने अब हेलमेट को लेकर सख्ती कर दी है। आरटीओ प्रवर्तन शैलेश तिवारी ने कहा कि अगर दोपहिया पर डबल सवारी है तो दोनों का हेलमेट पहना होना जरूरी है, वरना चालान कट जाएगा। अगर पीछे बैठी सवारी ने हेलमेट नहीं पहना होगा तो एक हजार का चालान होगा और दोनों के हेलमेट नहीं पहनने पर विभाग दो हजार रुपये का चालान काटेगा।

157 दोपहिया का चालान

विभाग की पांच टीमों ने शनिवार को अभियान चलाकर 157 दोपहिया का चालान कर इसकी शुरूआत भी कर दी है। इनमें चालक के हेलमेट न पहनने पर 127 और पिछली सवारी के हेलमेट न पहनने पर 30 वाहनों का चालान किया गया।

मसूरी रोड पर चेकिंग के दौरान एआरटीओ ने एक बाइक सवार का 10 हजार रुपये का चालान किया। उसके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस था, न ही वाहन का इंश्योरेंस। प्रदूषण प्रमाण पत्र वैध था लेकिन वाहन ध्वनि प्रदूषण कर रहा था। हेलमेट न पहनने वाले दोपहिया सवार लोगों परिवहन विभाग भविष्य में सिटी बस या विक्रम से घर भेजेगा। इसकी तैयारी की जा रही है। बस और विक्रम परिचालकों को चेतावनी दी जाएगी कि निर्धारित स्थान से पहले चालक को न उतारा जाए।

हेलमेट पर रिफ्लेक्टर अनिवार्य

सड़क दुर्घटना के बढ़ते आंकड़े को कम करने के लिए परिवहन विभाग ने दोपहिया सवारों के लिए हेलमेट पर रिफ्लेक्टर युक्त लाल रंग की पट्टी अनिवार्य कर दी है। यह पट्टी रात में रोशनी पड़ने पर दूर से चमकने लगेगी, जिससे अंधेरा होने पर भी सामने या पीछे आ रहे वाहन चालक को दोपहिया वाहन की उपस्थिति का पता लग जाएगा। हेलमेट पर ये पट्टी लगाने को यातायात पुलिस जल्द अभियान चलाएगी।

विभाग का मानना है कि तमाम लोग रात में गहरे रंग के कपड़े पहन कर बाइक चलाते हैं। ऐसे में पीछे से आ रहे अन्य वाहन चालक कई बार उन्हें देख नहीं पाते। जब तक उन्हें अपने आगे दोपहिया चालक के होने का अहसास होता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है, इसलिए हेलमेट पर आगे और पीछे दोनों तरफ लाल पट्टियां लगेंगी।

इसलिए जरूरी है हेलमेट पहनना

इंडियन हेड इंजरी फाउंडेशन के सर्वे के अनुसार देश में हर रोज सड़क दुर्घटना में 350 से 400 लोगों की मौत होती है। इसमें तकरीबन 90 लोगों की मौत सिर में गहरी चोट लगने से होती है। इन सड़क दुर्घटना में शिकार लोगों में हेलमेट न पहनने वालों की संख्या सर्वाधिक है

सर्वे के मुताबिक शरीर के किसी भी अन्य हिस्से की अपेक्षा सिर की चोट अधिक घातक होती है। दुर्घटना में सिर में चोट लगने का खतरा करीब 41 प्रतिशत होता है। है। दुर्घटना में सिर में चोट लगने का खतरा करीब 41 प्रतिशत होता है।

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