देहरादून। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। ऊधमसिंह नगर जिले से सटे उत्तर प्रदेश के रामपुर में मुर्गों में एच-5एन-1 एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस की पुष्टि हुई है। जिसे ध्यान में रखते हुए ऊधमसिंह नगर जिले ने एहतियातन मुर्गे और अंडों की आवक पर रोक लगा दी है।
इसके साथ ही दून के लिए भी यह चिंता का विषय है। यहां रोजाना लाखों की संख्या में मुर्गे और अंडों की खपत है और ज्यादातर आपूर्ति उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होती है। जिसके चलते दून में भी सतर्कता बरतने की जरूरत है।
देहरादून में मुर्गी और अंडे की ज्यादातर आपूर्ति उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों से होती है। शहर में खुद का कोई स्लाटर हाउस न होने के कारण यहां का पोल्ट्री उत्पाद पूरी तरह बाहरी आपूर्ति पर निर्भर है। यही वजह है कि बर्ड फ्लू से प्रभावित क्षेत्रों से यहां संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
बर्ड फ्लू इंसानों में भी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही बड़ी समस्या में बदल सकती है। ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने मंगलवार को ही अधिकारियों की बैठक में निर्देश दिए कि जिले में विशेष सतर्कता बरती जाए, पोल्ट्री फार्मों की लगातार सैंपलिंग हो और मृत या बीमार पक्षियों की सूचना तुरंत पशु चिकित्साधिकारी को दी जाए।
उन्होंने पोल्ट्री एसोसिएशनों और व्यापारियों को भी चेताया कि किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर प्रशासन को तत्काल सूचित करें।
दून में रोजाना पांच लाख से अधिक अंडों की खपत
दून में अंडा कारोबार से जुड़े आठ बड़े ट्रेडर हैं, जो पूरे शहर में अंडा डिस्ट्रीब्यूट करते हैं। सामान्य दिनों में प्रत्येक ट्रेडर लगभग 2000 ट्रे अंडा प्रतिदिन मंगाते हैं, पलटन बाजार में अंडा कारोबार से जुड़े मनीष सिंह ने बताया कि सामान्य दिनों में जहां 2000 ट्रे की खपत होती है। सावन के बाद और सर्दियों में यह बढ़कर तीन हजार ट्रे से अधिक पहुंच जाती है। दून में प्रतिदिन पांच लाख से आठ लाख अंडाें की खपत है।