डेंगू के खिलाफ जंग के लिए उत्तराखंड तैयार, रोकथाम करेगा “सेवन प्लस वन मॉडल”, जानें इसके बारे में सबकुछ

 

देहरादून। डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग एम्स ऋषिकेश का “सेवन प्लस वन” माडल अपनाएगा। बता दें कि अंडे से मच्छर बनने तक का पूरा चक्र 7-8 दिन का होता है। इस माडल के पीछे का विचार इन सात दिनों में डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के जीवनचक्र को तोड़ना है।

एम्स ऋषिकेश में सोशल आउटरीच सेल के नोडल अधिकारी डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए “सेवन प्लस वन” माडल खासा कारगर है।

यह माडल प्रथम बार वर्ष 2019 में ऋषिकेश में अपनाया गया था। जिससे डेंगू पर नियंत्रण में खासी मदद मिली। ऐसे में अब यह माडल प्रदेशभर में अपनाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस माडल को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है, जागरुकता, पहचान और निगरानी। अभियान के तहत ऐसे क्षेत्र चिह्नित किए जाते हैं, जहां विगत वर्षों में डेंगू का अत्याधिक प्रभाव रहा।

इस प्रक्रिया को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की मैपिंग (हाट स्पाट मैपिंग) या सोशल मैपिंग कहते हैं।

इसके पश्चात चिह्नित स्थानों में अधिक मच्छरों के प्रजनन स्थल की पहचान की जाती है। अगले चरण में बहुउद्देशीय टीम का गठन किया जाता है। जिसमें आशा, स्वयंसेवी, स्वास्थ्य व नगर निगम कर्मी आदि शामिल हैं।

यह टीमें चिह्नित क्षेत्रों में प्रजनन स्थलों को नष्ट करती हैं। सात दिन तक लगातार एक घंटा सामूहिक स्वच्छता अभियान के तहत प्रत्येक रविवार इस कार्यक्रम को दोहराया जाता है। जिससे मच्छर के जीवनचक्र को तोड़ने में मदद मिलती है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि इस अभियान में जन भागीदारी भी बहुत जरूरी है। सप्ताह में एक बार, प्रत्येक रविवार, केवल एक घंटे का स्वच्छता अभियान मच्छरों के लार्वा और प्यूपा को नष्ट कर देगा और मच्छरों को पनपने नहीं देगा।

यह जानना भी जरूरी है कि केवल अपने घर की सफाई करने से इस संक्रमण का प्रसार कम नहीं होगा। किसी भी व्यक्ति को अपने घर और उसके आसपास कम से कम 400 मीटर के क्षेत्र को साफ करना होगा।

डेंगू का एक और मरीज मिला, अब तक 23 में हो चुकी पुष्टि

दून व आसपास के क्षेत्रों में डेंगू का डंक गहराता जा रहा है। रविवार को भी एक व्यक्ति में डेंगू की पुष्टि हुई है। हरबर्टपुर निवासी मरीज दून मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती है। चिकित्सकों के अनुसार मरीज की हालत स्थिर है। उसे कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं।

जनपद में अभी तक 23 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिनमें 15 मरीज देहरादून से हैं। जबकि आठ मरीज अन्य जनपद या राज्य से हैं।

फिलहाल 11 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। जिनमें आठ श्री महंत इंदिरेश अस्पताल और एक-एक मरीज हिमालयन हास्पिटल जौलीग्रांट, ग्राफिक एरा अस्पताल व दून मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती है।

रविवार को भी 27 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि डेंगू की रोकथाम के लिए उपाय किए जा रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में सर्वे किया जा रहा है।

प्रशासन को दी जाएगी दैनिक रिपोर्ट

डीएम सविन बंसल के निर्देश पर नगर निगम को फागिंग व दवा छिड़काव को लेकर दैनिक गतिविधियों की रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी। लार्वीसाइडल के छिड़काव के लिए वार्डवार वाहनों और टैंकरों को भेजकर लार्वा नष्ट किया जाएगा।

इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन गूगल शीट पर देनी होगी। वहीं हर वार्ड में डेंगू का लार्वा पाए जाने पर चालानी कार्रवाई की रिपोर्ट भी वार्डवार तैयार की जाएगी। फागिंग मशीन व टैंकरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी डीएम ने दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *