*देहरादून, 04 अक्टूबर 2026, रविवार।* श्री गुरु नानक स्कूल ग्राउंड, देहरादून में दो दिवसीय विशेष कीर्तन दरबार हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। शनिवार और रविवार दो दिन तक गुरबाणी की अमृतवर्षा होती रही, जिसमें हजारों की संख्या में संगत ने पहुंचकर गुरु जस गाया।
दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के आगमन पूर्व रेसकोर्स से भव्य नगर कीर्तन निकाला गया, जिसमें खालसा पंथ की पुरातन वीरता, गौरव और शौर्य की विरासत की झलकियां देहरादून में देखने को मिलीं।
नगर कीर्तन में सबसे आगे नगाड़ों की गूंज के साथ नीली खालसा फौज चल रही थी। नीले बाने, ऊंची दुमल्ला दस्तार सजाए निहंग सिंह जब हाथों में बरछे, तलवारें और चक्र लेकर निकले तो मानो इतिहास जीवंत हो उठा। नीली फौज द्वारा दिखाए गए गतका के हैरतअंगेज जौहर, घुड़सवारी कौशल और शस्त्र विद्या ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
यह दृश्य देखकर पूरा शहर ठहर गया। दशम पातशाह के समय की उस पुरातन फौज की झलक ने युवाओं में खालसा के गौरवमयी इतिहास के प्रति नया जोश भर दिया। “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों से आसमान गूंजता रहा।
स्कूल ग्राउंड में हुए कीर्तन दरबार में प्रसिद्ध रागी जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया। अरदास उपरांत गुरु का अटूट लंगर बरताया गया।