अल्मोड़ा, 16 सितंबर 2026।
ग्रामोत्थान रीप परियोजना के अंतर्गत सुशासन एवं सहकारिता सदस्यों के नेतृत्व विकास (Good Governance) विषय पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज दिनांक 16 सितंबर 2026 को होटल दुर्गा, अल्मोड़ा में सफलतापूर्वक समापन हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकासखंड ताकुला, हवालबाग एवं भिकियासैंण के अंतर्गत विभिन्न क्लस्टरों के पदाधिकारियों तथा क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) के स्टाफ द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक DRDA अल्मोड़ा श्री कैलाश नाथ तिवारी, सहायक प्रबंधक वित्त श्री आनंद आर्या तथा सहायक प्रबंधक संस्थाएं एवं समावेशन श्री संदीप कुमार सिंह उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के अंतिम दिवस सुशासन (Good Governance) के विभिन्न महत्वपूर्ण आयामों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें पारदर्शिता, जवाबदेही, सहभागिता, विधि का शासन तथा प्रभावशीलता एवं दक्षता जैसे विषयों को व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया। प्रतिभागियों को आय-व्यय का पारदर्शी लेखा-जोखा, बैठक कार्यवाही रजिस्टर का सामाजिक अंकेक्षण, वार्षिक रिपोर्ट का प्रस्तुतिकरण, अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष की स्पष्ट भूमिकाएं तथा सदस्यों के प्रति उत्तरदायित्व के बारे में जानकारी दी गई।
इसके साथ ही वित्तीय जानकारी एवं प्रबंधन (Financial Information & Management) के अंतर्गत लेखा प्रणाली, नकद पुस्तिका (Cash Book), लेजर बुक (Ledger Book), बैंक पासबुक एवं बैंक मिलान तथा आंतरिक ऋण रजिस्टर के रख-रखाव पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। प्रतिभागियों को वित्तीय साक्षरता के अंतर्गत ब्याज दर, ऋण चक्र, बचत एवं निवेश के महत्व तथा डिजिटल भुगतान प्रणाली के संबंध में भी जागरूक किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान सहायक प्रबंधक वित्त श्री आनंद आर्या द्वारा प्रतिभागियों को लेखा एवं ऑडिट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हुए संस्थागत दस्तावेजों को अद्यतन एवं व्यवस्थित रखने तथा कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
परियोजना निदेशक श्री कैलाश नाथ तिवारी ने सहकारिता एवं समूहों में पंचसूत्र के प्रभावी पालन के साथ-साथ सहकारिताओं की व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, संस्थाओं को मजबूत बनाने तथा सदस्यों की आर्थिक गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर श्री मनोज कुमार बोरा, आजीविका समन्वयक श्री महेश बलोदी एवं आजीविका समन्वयक श्री गणेश आर्या द्वारा प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को बैग, प्रशिक्षण सामग्री एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को सुशासन, वित्तीय प्रबंधन, लेखा-व्यवस्था, ऑडिट, पारदर्शिता एवं संस्थागत नेतृत्व से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई, जिससे CLF, VO एवं SHG स्तर पर संस्थाओं के प्रभावी संचालन और सुदृढ़ीकरण में सहायता मिलेगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारिता एवं सामुदायिक संस्थाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, सहभागी एवं आत्मनिर्भर बनाते हुए ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को और अधिक प्रभावी बनाना रहा।